Edited By Vijay, Updated: 14 Dec, 2022 11:02 PM

उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों द्वारा एडमिशन रद्द करवाने पर विद्यार्थियों की फीस रिफंड करने के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के आदेशों की अनुपालना सभी शिक्षण संस्थानों को करनी होगी। इसको लेकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने सभी...
शिमला (अभिषेक): उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों द्वारा एडमिशन रद्द करवाने पर विद्यार्थियों की फीस रिफंड करने के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के आदेशों की अनुपालना सभी शिक्षण संस्थानों को करनी होगी। इसको लेकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने सभी मान्यता प्राप्त सरकारी व निजी काॅलेजों को निर्देश दिए हैं। इसको लेकर विश्वविद्यालय ने सभी काॅलेजों के प्राचार्यों को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन ने यूजीसी की ओर से जो आदेश जारी हुए हैं जिसमें सत्र 2022-23 के दौरान अगर कोई विद्यार्थी 31 अक्तूबर 2022 तक अपनी एडमिशन रद्द करवाता है या फिर माइग्रेट होता है तो उसकी पूरी फीस रिफंड होगी। इसमें शिक्षण संस्थान की ओर से कैंसलेशन चार्जिस भी नहीं लिए जाएंगे। इसके बाद 31 अक्तूबर से 31 दिसम्बर तक अपनी एडमिशन रद्द करवाता है या फिर माइग्रेट होगा तो शुल्क के तौर पर शिक्षण संस्थानों को प्रोसैसिंग फीस के ही 1 हजार रुपए काटने होगी जबकि शेष पूरी फीस वापस करनी होगी।
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