Edited By Jyoti M, Updated: 30 Aug, 2025 11:09 AM

हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर जारी है। लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने प्रदेश में भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले कुछ दिनों से, हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में आसमान से आफत बरस रही है। इससे जगह-जगह भूस्खलन...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर जारी है। लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने प्रदेश में भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले कुछ दिनों से, हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में आसमान से आफत बरस रही है। इससे जगह-जगह भूस्खलन हो रहे हैं, जिससे कई घर और इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। शिमला जिले के रामपुर बुशहर के गांव शील प्रोग में बीती रात हुए भूस्खलन से तीन मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। तुलसी दास, लेखराज और हरीश कुमार के घरों पर मलबा गिर गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई।
इस आपदा से राज्य का सड़क और बिजली नेटवर्क भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। भूस्खलन के कारण तीन राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवे) समेत 560 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। एनएच 5 पर निगुलसरी में भूस्खलन के चलते सड़क पर दरारें आ गई हैं, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। इसके अलावा, राज्य भर में 936 बिजली ट्रांसफार्मर और 223 पेयजल योजनाएं भी ठप हैं, जिससे लोगों को बिजली और पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
चंबा जिले में भी स्थिति काफी गंभीर है। भरमौर-पठानकोट हाईवे जगह-जगह भूस्खलन के कारण बंद है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, राज्य सरकार भी इस आपदा पर लगातार नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू चंबा के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे और राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी प्रभावित इलाकों में पहुंच चुके हैं और बचाव व राहत कार्यों में मदद कर रहे हैं।