हिमाचल दिवस विशेष: जानिए राज्य से जुड़ी 10 रोचक बातें

Edited By Updated: 15 Apr, 2017 02:24 PM

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हिमाचल प्रदेश का आज स्थापना दिवस है। आजादी के बाद 15 अप्रैल, 1948 को 28 पहाड़ी रियासतों को मिलाकर नया राज्य बनाया गया था। बताया जाता है कि यहां प्राकृतिक सौंदर्य और लोगों की सादगी के अलावा कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिनकी वजह से हिमाचल पूरे देश में सबसे...

शिमला: हिमाचल प्रदेश का आज स्थापना दिवस है। आजादी के बाद 15 अप्रैल, 1948 को 28 पहाड़ी रियासतों को मिलाकर नया राज्य बनाया गया था। बताया जाता है कि यहां प्राकृतिक सौंदर्य और लोगों की सादगी के अलावा कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिनकी वजह से हिमाचल पूरे देश में सबसे आगे है। इनमें से बहुत सी बातें राजनीति की वजह से संभव हो पाई है और उसका श्रेय भी राज्य की जनता को जाता है। कुछ कमियां भी हैं और उनका आरोप भी काफी हद तक राजनीति को दिया जा सकता है।  


जानिए राज्य से जुड़ी 10 रोचक बातें

1. ‘हिमाचल प्रदेश’ नाम संस्कृत के विद्वान आचार्य दिवाकर दत्त शर्मा ने दिया था। हिमाचल दो शब्दों से मिलकर बना है- हिम+अचल। हिम यानी बर्फ और अचल यानी पहाड़। 


2. हिमाचल प्रदेश भारत का 18वां राज्य बना था। इसमें 28 पहाड़ी रियासतें मिलाई गई थीं।


3. हिमाचल प्रदेश 'देवभूमि' कहलाता है, क्योंकि यहां गांव-गांव में देवता व मंदिर हैं। साथ ही हर जगह लोकप्रिय मेले और त्योहार आदि मनाए जाते हैं।  


4. राज्य की इकॉनमी तीन चीज़ों पर निर्भर करती है- 1 बिजली 2. पर्यटन 3. खेती/बागवानी।


5. पॉलिथीन और तंबाकू पर बैन लगाने के बाद उसे सही तरीके से लागू करने में हिमाचल प्रदेश सबसे आगे है। 


6. धर्मशाला स्थित HPCA क्रिकेट स्टेडियम दुनिया के सबसे सुंदर क्रिकेट स्टेडियम में से एक है।  


7. UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल शिमला-कालका रेलमार्ग और पठानकोट-जोगिंदरनगर मार्ग काफी प्रसिद्ध है। 


8. हिमाचल 8,418 MW बिजली पैदा करता है। देश का मेगावॉट क्षमता का पहला हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर स्टेशन आजादी से पहले हिमाचल के जोगिंदरनगर में शुरू हुआ था।


9. कांगड़ा का बिलिंग (बीड़) पूरी दुनिया में पैराग्लाइडिंग के लिए मशहूर है। यहां से उड़ान भरने के लिए देश-विदेश से सैकड़ों पायलट आते हैं।


10. हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक भोज को 'धाम' कहा जाता है। विशेष ढंग से बनाए गए व्यंजनों को पत्तों की थाली में परोसकर जमीन पर बैठकर खाते हैं।


यहां गिनाने के लिए इतना कुछ है कि लिखते-लिखते थक जाएंगे मगर सिलसिला खत्म नहीं होगा।  

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