Edited By Vijay, Updated: 30 Apr, 2026 05:59 PM

सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार में माता रानी की पावन जयंती के अवसर पर एक विशेष चंदन की टोकरी को नई भव्य पालकी में विधिवत रूप से स्थापित किया गया।
चिंतपूर्णी (राकेश): सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार में माता रानी की पावन जयंती के अवसर पर एक विशेष चंदन की टोकरी को नई भव्य पालकी में विधिवत रूप से स्थापित किया गया। इस टोकरी का इतिहास और महत्व बेहद दिलचस्प है। धार्मिक परंपरा के अनुसार इस विशेष टोकरी का उपयोग पुजारियों द्वारा माता रानी को शयन करवाने के लिए किया जाता है। कुछ वर्ष पूर्व मैसूर (कर्नाटक) से बनवाकर एक श्रद्धालु ने माता रानी के चरणों में चंदन की यह विशेष टोकरी अर्पित की थी। इसी कड़ी में आज माता की जयंती पर पंजाब के मुक्तसर से आए श्रद्धालु शमी बाबा ने एक नई और भव्य पालकी मंदिर न्यास को भेंट की। यह पालकी उच्च गुणवत्ता वाली सागवान की लकड़ी से निर्मित है, जो अपनी मजबूती और नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
स्थापना का कार्य पूर्ण विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न हुआ। मंदिर के पुजारी साहिल कालिया व महावीर कालिया ने विशेष पूजा-अर्चना के बाद चंदन की ऐतिहासिक टोकरी को नई सागवान की पालकी के भीतर सुरक्षित रूप से सुशोभित किया। अब इस धरोहर को मंदिर के मुख्य हॉल में स्थापित कर दिया गया है, जहां आने वाले सभी श्रद्धालु इसके दर्शन कर पाएंगे।
इस अवसर पर मंदिर अधिकारी ने बताया कि इस टोकरी का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व बहुत अधिक है। श्रद्धालुओं की जानकारी के लिए यहां जल्द ही एक सूचना पट्ट भी लगाया जाएगा। इसमें टोकरी के इतिहास, इसकी महत्ता और शयन परंपरा में इसके उपयोग का पूरा विवरण होगा ताकि देश-विदेश से आने वाले भक्त माता के दरबार से जुड़ी इस गौरवशाली परंपरा से अवगत हो सकें।
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