Edited By Swati Sharma, Updated: 04 Apr, 2026 02:23 PM

Kangra News : कांगड़ा घाटी में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को यहां उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक जागरुकता कार्यक्रम, रैली और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अवसर पर उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण...
Kangra News : कांगड़ा घाटी में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को यहां उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक जागरुकता कार्यक्रम, रैली और मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
इस अवसर पर उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि 121 वर्ष पूर्व कांगड़ा में आया विनाशकारी भूकंप एक बहुत बड़ी त्रासदी थी। उस समय आपदा प्रबंधन के लिए न तो कोई सिस्टम विकसित हुआ था और न ही आम लोगों में इसके प्रति जागरुकता थी। लेकिन, आज के दौर में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए हर जिला स्तर पर डीडीएमए से लेकर उपमंडल स्तर तक एक प्रभावी तंत्र और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों को तत्परता तथा प्रभावी ढंग से अंजाम देने के लिए हमारी पहले से ही तैयारी होनी चाहिए, ताकि वास्तव में आपदा आने पर जान-माल के नुक्सान को कम किया जा सके।

उपायुक्त ने बताया कि आपदा प्रबंधन में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आपदा मित्र योजना आरंभ की गई है, जिसके तहत स्थानीय युवाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की आपदा के समय स्थानीय लोग ही सबसे पहले मौके पर पहुंचते हैं। ये वालंटियर्स किसी भी आपदा के समय बचाव एवं राहत कार्यों को अंजाम देने में बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं। इस अवसर पर एसडीएम संजीत सिंह ने उपायुक्त, अन्य अधिकारियों, आईटीआई हमीरपुर और अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा कांगड़ा घाटी की भूकंप त्रासदी के इतिहास पर प्रकाश डाला।
इसके बाद उपायुक्त कार्यालय से लेकर नगर निगम कार्यालय तक एक जागरुकता रैली भी निकाली गई। रैली के बाद उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक मॉक ड्रिल भी की गई, जिसमें होमगार्ड्स और अग्निशमन विभाग के बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस अवसर पर तहसीलदार एवं कार्यकारी जिला राजस्व अधिकारी नरेश पटियाल, नायब तहसीलदार जगदीश ठाकुर, आईटीआई के प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।