सरकार के खिलाफ ABVP की HPTU इकाई, विश्वविद्यालय की अनदेखी के लगाए आरोप

Edited By Simpy Khanna, Updated: 17 Oct, 2019 03:23 PM

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अखिल भारतीय विधार्थी परिषद की हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर इकाई ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया, जिसको हमीरपुर एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष सूरज जरियाल, इकाई सचिव अंकिता शर्मा और हमीरपुर नगर मंत्री रोबिन ने संबोधित किया।

हमीरपुर (अरविंदर) : अखिल भारतीय विधार्थी परिषद की हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर इकाई ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया, जिसको हमीरपुर एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष सूरज जरियाल, इकाई सचिव अंकिता शर्मा और हमीरपुर नगर मंत्री रोबिन ने संबोधित किया। इस प्रेस वार्ता में प्रमुख मांगो को उठाया गया जिसमें हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय की स्वायत्तता के साथ खिलवाड़ बंद हो, विश्वविद्यालय को बजट का प्रावधान किया जाए, विश्वविद्यालय में नियमित शिक्षकों की भर्ती की जाये, विश्वविद्यालय में रिक्त पड़े गैर शिक्षकों की भर्ती की जाये, विश्वविद्यालय के नये परिसर में जल्दी से जल्दी कक्षाएं शुरू की जाएं।

उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार तकनीकी विश्वविद्यालय को राजनीति का अखाड़ा बनाने में लगी हुई है। सूरज ने कहा कि तकनीकी शिक्षा मंत्री भूल गए है कि तकनीकी विश्वविद्यालय भी उन्हीं के मंत्रालय में आता है लेकिन दुर्भाग्य से आज तक तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय की आवाज़ को विधानसभा में नहीं उठाया। पिछले 10 वर्षों से यह विश्वविद्यालय विकास की राह देख रहा है लेकिन सरकार की उदासीनता की वजह से यह विश्वविद्यालय पिछड़ रहा है।

आज तक विश्वविद्यालय को सरकार ने बजट का प्रावधान नहीं किया है जो की शर्मनाक है। आये दिन प्रदेश सरकार से नये - नये नियम इस विश्वविद्यालय के लिए लागू किये जा रहे है जो कि राजनीति से प्रेरित है। पिछले कुछ दिन पहले विश्वविद्यालय के अंदर कोई भी नया पाठ्यक्रम, नई भर्ती ना हो इसके लिए प्रदेश सरकार और तकनीकी शिक्षा विभाग ने तुगलकी फरमान सुनाया है जिसका विधार्थी परिषद कड़े शब्दों में विरोध करती है।

इकाई सचिव अंकिता शर्मा ने कहा कि तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को विश्वविद्यालय का संविधान पढ़ लेना चाहिए। इसमें साफ शब्दों में लिखा गया है कि विश्वविद्यालय जब चाहे कोई भर्ती या कोई भी पाठ्यक्रम शुरू कर सकता है जिसके लिए किसी मंत्री या सरकार से अनुमति लेना जरूरी नहीं है। विधार्थी परिषद मांग करती है कि प्रदेश सरकार शीघ्र अपने निर्णय को वापिस ले अन्यथा विधार्थी परिषद सड़को पर उतरेगी और इसे प्रदेश का आंदोलन बनाया जायेगा । और अगर जरूरत पड़ी तो विधार्थी परिषद जेल भरो आंदोलन भी चलायेगी।

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