कृषि विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय फर्टिलाइजर्स लिमिटेड मिलकर करेंगे शोध, एमओयू साइन

Edited By Vijay, Updated: 06 Aug, 2022 06:38 PM

agricultural university and nfl will do research together

कृषि विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय फर्टिलाइजर्स लिमिटेड ने शनिवार को अनसुंधान और प्रसार में आपसी सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। कुलपति प्रो. एचके चौधरी ने बताया कि विश्वविद्यालय और नैशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड इस बात पर भी सहमति जताई है कि...

पालमपुर (ब्यूरो): कृषि विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय फर्टिलाइजर्स लिमिटेड ने शनिवार को अनसुंधान और प्रसार में आपसी सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। कुलपति प्रो. एचके चौधरी ने बताया कि विश्वविद्यालय और नैशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड इस बात पर भी सहमति जताई है कि संस्थान के मृदा विज्ञान विभाग में एनएफएल के उर्वरकों, जैव उर्वरकों, अनुकूलित और मजबूत उर्वरकों पर अनुसंधान में तेजी लाने के लिए एनएफएल प्रोफैसर चेयर स्थापित होगी। कुलपति ने कहा कि नियमित अंतराल पर प्रक्षेत्रों में मिट्टी की जांच अभियान, फील्ड दिवसों आदि कार्यक्रमों को संयुक्त तौर पर आयोजित किया जाएगा। प्रो. चौधरी ने बताया कि यह समझौता प्रदेश के वैज्ञानिक, विद्यार्थियों और किसानों के लिए एक लंबा सफर तय करेगा। उन्होंने उर्वरकों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील फसल किस्मों के योगदान को याद करते हुए कहा कि इसकी बदौलत राष्ट्र खाद्यान्न में आत्मनिर्भर हुआ व हरित क्रांति आई। उन्होंने घोषणा की कि अब प्रतिवर्ष 6 अगस्त को इस समझौता पत्र की याद में विशेष व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। एनएफएल के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक निर्लेप सिंह राय ने नए समझौते की सराहना करते हुए कहा कि एनएफएल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपनी औद्योगिक इकाइयों में प्रशिक्षण के लिए अनुमति देगा। उन्होंने बताया कि समझौता ज्ञापन में विशेष फसलें जैसे लाल चावल व व्लूबेरी आदि फसलों को उगाने, कृत्रिम बुद्धिमता का उपयोग, मिट्टी व पौधों का विश्लेषण आदि शामिल है। 

अब दूसरी हरित क्रांति की आवश्यकता
राय ने बताया कि अमोनिया आधारित उर्वरक अनाज उत्पादन में करीबन 50 प्रतिशत का योगदान देते हैं। अब दूसरी हरित क्रांति की आवश्यकता है और एनएफएल अपने उर्वरकों और अन्य उत्पादों के माध्यम से इसमें अपना योगदान खामोशी से दे रही है। उन्होंने उर्वरकों के समन्वित उपयोग की बात को कहा और कृषक समुदाय की भलाई के लिए क्षेत्रों को तलाशा जाए। निदेशक विपणन अतुल बी पाटिल, कार्यकारी निदेशक विपणन अनिल मोत्सरा ने बताया कि एनएफएल द्वारा नए लाॅन्च किए उत्पादों को विश्वविद्यालय को जांच के लिए दिया जाएगा। एनएफएल के वरिष्ठ अधिकारी मैसर्ज योगिंद्र सिंह, राजबीर तया और दिलबाग सिंह इस दौरान उपस्थित रहें। मृदा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डाॅ. एनके सांख्यान और एनएफएल चेयर प्रोफैसर डाॅ. प्रदीप कुमार ने सटीक खेती, क्षेत्र परीक्षण और एनएफएल उत्पादों के प्रदर्शन आदि की इस दौरान विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान विश्वविद्यालय के संविधिक अधिकारी और वैज्ञानिक भी उपस्थित रहे।

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