धूमल बोले- मुलजिमों को बचाने के लिए तथ्य तोड़-मरोड़ रही सरकार

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Wednesday, August 23, 2017-9:46 AM

शिमला: नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने सरकार पर विभिन्न आपराधिक मामलों में मुलजिमों को बचाने के प्रयास किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार द्वारा तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। धूमल मंगलवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में यह बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार कानून व्यवस्था पर चर्चा किए जाने का दम रखती है तो सदन में विपक्ष के सवालों का जवाब दिया जाए। धूमल ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर को लेकर लाए गए प्रस्ताव पर सरकार चर्चा करने से भाग रही है। सरकार को मालूम है कि यदि इस पर चर्चा होती है तो विपक्ष उसे कटघरे में खड़ा कर देगा।


चोर की दाढ़ी में तिनका होने के कारण ही सरकार चर्चा से भाग रही
उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों के पास ऐसे कई तथ्य हैं जो सरकार की कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने सत्र के पहले दिन विपक्ष के सदस्यों ने नियम 67 के तहत कानून व्यवस्था पर चर्चा करने का नोटिस दिया लेकिन सत्तापक्ष चर्चा के लिए तैयार नहीं हुआ। धूमल ने कहा कि चोर की दाढ़ी में तिनका होने के कारण ही सरकार चर्चा से भाग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोटखाई गैंगरेप और मर्डर केस की जांच पुलिस की लापरवाही के चलते ही सी.बी.आई. को सौंपने की नौबती पड़ी। उन्होंने वनरक्षक होशियार सिंह मामले पर भी सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में समय रहते पुलिस फोन डिटेल तक नहीं खंगाल सकी। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि कोटखाई जैसे पेचीदा केस में पुलिस सुबह के समय जिन आरोपियों को पकड़ कर लाती है, शाम को उसी मामले में दूसरे आरोपियों के नाम आ जाते हैं। धूमल ने कहा कि पुलिस लॉकअप में ही आरोपी की हत्या होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। 


सरकार नहीं दे रही जवाब: रणधीर
पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के दिल्ली प्रवास को लेकर वह वर्ष 2014 से लेकर अब तक विधानसभा से जानकारी मांगते रहे हैं लेकिन सरकार की तरफ से इस सवाल का जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब उनके पास आर.टी.आई. ही सूचना प्राप्त करने के लिए एकमात्र विकल्प बचा है। 


पहले चिट्टा फिर बन गया चूना, अब अधिकारी कर रहा मानहानि की बात  
नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि पुलिस एक आर.एम. की गाड़ी से पहले 4 किलो मादक पदार्थ चिट्टा पकड़े जाने का दावा करती है और बाद में उसे चूना बता दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अब अधिकारी मानहानि का दावा करने की बात कह रहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह पालमपुर में पुलिस पहले कुछ नशीली दवाइयां पकड़ती है और बाद में उन्हें कुछ और बताती है। धूमल ने कहा कि कांग्रेस सरकार में पुलिस की इस तरह की गैर-जिम्मेदारना कार्रवाई से सब हैरत में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में वन, शराब, खनन, तबादला और अन्य गोरखधंधों का माफिया सक्रिय हो चुका है।
 

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