बीजेपी सांसद वीरेंद्र कश्यप की मुश्किलें बढ़ी, भ्रष्टाचार के आरोप हुए तय

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Saturday, January 13, 2018-11:34 AM

शिमला(चिन्मय):20 अप्रैल 2009 को लोकसभा चुनाव के दौरान सांसद वीरेंद्र कश्यप द्वारा रिश्वत लेने का मामला स्टिंग आपरेशन के माध्यम से सामने आया था। जिसमें वह किसी कार्य को पूरा करवाने के लिए पैसे ले रहे थे। प्रार्थी का आरोप है कि जिस समय यह मामला हुआ, उस वक्त प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। उसके बाद वह लोकसभा सीट से चुनाव जीत कर सांसद बन गए। इसके कारण मामले की जांच ठीक से नहीं की गई। हालांकि तत्कालीन सरकार ने फरवरी 2010 में विशेष जांच दल का गठन कर इस प्रकरण की छानबीन करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण विशेष जांच दल ने यह कहकर केस को बंद कर दिया था कि सांसद पर लगाए गए इन आरोपों पर कोई केस नहीं बनता है।

वीरेंद्र कश्यप के खिलाफ न्यायालय में आज चार्जेस फ्रेम हुए
प्रार्थी ने याचिका में यह भी आरोप लगाया है कि इस बारे में लोकसभा की तत्कालीन स्पीकर को शिकायत की गई थी, लेकिन इसके बाद भी सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदेश सरकार की ओर से न्यायालय के समक्ष दायर किए गए शपथ पत्र के मुताबिक 6 मार्च 2014 को वीरेंद्र कश्यप के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत फिर से मामला दर्ज कर लिया है और अब सोलन न्यायालय में आज उनके खिलाफ चार्जेस फ्रेम हो गए हैं।


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