Edited By Jyoti M, Updated: 19 Mar, 2026 12:54 PM

हिमाचल प्रदेश की मणिकर्ण घाटी में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर मुसीबतें बढ़ा दी हैं। भारी बारिश के चलते घाटी के कई हिस्सों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके कारण प्रमुख सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की मणिकर्ण घाटी में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर मुसीबतें बढ़ा दी हैं। भारी बारिश के चलते घाटी के कई हिस्सों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके कारण प्रमुख सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
घर्टीगढ़ में फिर थमी रफ्तार
सबसे ज्यादा असर मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर देखने को मिला है। यहां घर्टीगढ़ के पास पहाड़ी से भारी मलबा सड़क पर आ गिरा है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र पिछले साल नवंबर से ही भूस्खलन के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। हाल ही में मार्ग को साफ किया गया था, लेकिन ताज़ा बारिश ने फिर से वही स्थिति पैदा कर दी है।
प्रशासन और विभाग की कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार कुछ छोटे लिंक रोड को मलबे से साफ कर यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है।
घर्टीगढ़ जैसे संवेदनशील इलाकों में भारी मलबे के कारण सड़क खोलने में अभी और समय लग सकता है। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों और ग्रामीणों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।
मार्ग अवरुद्ध होने के कारण स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ऊपरी इलाकों का संपर्क मुख्य केंद्रों से कट गया है, जिसे बहाल करने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं।