गुरु-शिष्य का रिश्ता तार-तार! मासूम छात्रा पर गंदी नजर रखने वाले शिक्षक को विभाग ऐसे सिखाया कड़ा सबक

Edited By Vijay, Updated: 18 Mar, 2026 11:56 AM

jbt teacher convicted of molesting student given compulsory retirement

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले से एक बेहद शर्मनाक और गंभीर मामला सामने आया है। जिले के सुंडला शिक्षा खंड के तहत आने वाले एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में तैनात एक जेबीटी शिक्षक को स्कूल की एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का दोषी पाया गया है।

चम्बा: हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले से एक बेहद शर्मनाक और गंभीर मामला सामने आया है। जिले के सुंड़ला शिक्षा खंड के तहत आने वाले एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में तैनात एक जेबीटी शिक्षक को स्कूल की एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का दोषी पाया गया है। मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी शिक्षक को समय से पहले अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। इसके आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार  यह मामला बीते वर्ष अक्तूबर महीने में प्रकाश में आया था। आरोपी शिक्षक स्कूल में पढ़ने वाली मासूम छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार करता था। जब छात्रा ने हिम्मत जुटाकर घर जाकर अपने परिजनों को आपबीती बताई, तो परिवार के होश उड़ गए। उन्होंने बिना देरी किए शिक्षा विभाग में मामले की शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने तुरंत एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया। इस टीम ने निष्पक्ष जांच करते हुए पीड़िता के बयान दर्ज किए, साथ ही आरोपी शिक्षक से भी कड़ी पूछताछ की गई और स्कूल के अन्य स्टाफ सदस्यों से भी जानकारी जुटाई गई। जांच पूरी होने के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट प्रारंभिक शिक्षा विभाग चम्बा को सौंपी, जिसमें शिक्षक पर लगे सभी आरोप सत्य पाए गए।

चम्बा के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक विकास महाजन ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि छात्रा से छेड़छाड़ जैसे संवेदनशील मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। विभागीय जांच पूरी तरह से नियमों के तहत की गई है और दोष सिद्ध होने के बाद ही आरोपी शिक्षक को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की सख्त कार्रवाई की गई है।

इस पूरी घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि अगर स्कूल जैसे पवित्र और सुरक्षित माने जाने वाले स्थानों पर भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो यह समाज के लिए बेहद चिंताजनक है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया जाए।

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