यहां पत्थरों पर अंकित हैं देवताओं के मंत्र

Edited By Vijay, Updated: 13 Oct, 2020 04:24 PM

here the mantras of the gods are inscribed on the stones

ओम मणिपदमे हूम एक पाली मंत्र है, जिसका संबंध करुणा के बोद्धिस्त्व से है। यह तिब्बती बौद्ध धर्म का मूल मंत्र है। यह पत्थरों एवं लकडिय़ों में लिखा जाता है। जिला लाहौल-स्पीति में अनेक स्थानों में इन मंत्रों को पत्थरों पर भोटी भाषा में अंकित किया गया है।

कुल्लू (धनी राम): ओम मणिपदमे हूम एक पाली मंत्र है, जिसका संबंध करुणा के बोद्धिस्त्व से है। यह तिब्बती बौद्ध धर्म का मूल मंत्र है। यह पत्थरों एवं लकडिय़ों में लिखा जाता है। जिला लाहौल-स्पीति में अनेक स्थानों में इन मंत्रों को पत्थरों पर भोटी भाषा में अंकित किया गया है। मनाली-लेह मार्ग पर स्थित गैमूर गांव में ये पत्थर सदियों पुराने हैं। भोटी भाषा में लिखे विभिन्न देवताओं के मंत्र अनेक पत्थरों पर कुरेदे गए हैं। बौद्ध धर्म से जुड़े लोगों की मानें तो देवी-देवताओं के मंत्र कागजों और लकड़ियाें में भी लिखे जाते हैं लेकिन कुछ समय बाद मंत्रों के मिटने या जलने का खतरा रहता है, ऐसे में पत्थरों में लिखे गए मंत्र सदियों तक कायम रह सकते हैं।
PunjabKesari, Stones Image

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