बीबीएन में सिलेंडर संकट! 30% ढाबों पर लटका ताला... क्या बुझ जाएंगे फैक्ट्रियों के चूल्हे?

Edited By Jyoti M, Updated: 20 Mar, 2026 01:54 PM

cylinder crisis in bbn 30 of dhabas shut down

हिमाचल के 'औद्योगिक दिल' कहे जाने वाले बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में इन दिनों मशीनों के शोर से ज्यादा चर्चा रसोई के संकट की है। 11 मार्च से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की रिफिलिंग पर लगाई गई रोक ने एशिया के इस बड़े फार्मा और औद्योगिक हब की कमर...

हिमाचल डेस्क। हिमाचल के 'औद्योगिक दिल' कहे जाने वाले बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में इन दिनों मशीनों के शोर से ज्यादा चर्चा रसोई के संकट की है। 11 मार्च से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की रिफिलिंग पर लगाई गई रोक ने एशिया के इस बड़े फार्मा और औद्योगिक हब की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि जो क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था को रफ़्तार देता था, वहां आज हजारों मजदूर दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

ठप पड़ता कारोबार: 30% होटल-ढाबों पर लटके ताले

बीबीएन क्षेत्र में स्थित करीब 5,000 छोटी-बड़ी इकाइयों में काम करने वाले लाखों कामगारों के लिए भोजन की व्यवस्था करने वाली कैंटीन और स्थानीय ढाबे अब इतिहास बनने की कगार पर हैं। सिलेंडर की किल्लत का असर इस कदर गहराया है कि लगभग 30 प्रतिशत छोटे भोजनालय और होटल पूरी तरह बंद हो चुके हैं। कई फैक्टरियों की अपनी कैंटीन बंद होने से श्रमिकों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर बुरा असर पड़ा है।

गैस न मिलने पर ठेकेदारों ने पारंपरिक चूल्हों का रुख किया था, लेकिन बेमौसम बारिश ने सूखी लकड़ी को भी गीला कर दिया, जिससे अब धुआं तो निकल रहा है पर खाना नहीं बन पा रहा।

स्थानीय कैंटीन संचालक जनक राज की व्यथा इस संकट की गंभीरता को बयां करती है। उन्होंने बताया कि जिस काम के लिए उन्हें महीने में 100 से अधिक सिलेंडरों की जरूरत पड़ती थी, वहां पिछले 10 दिनों से एक भी सिलेंडर नसीब नहीं हुआ है। उनके अनुसार, यदि यही स्थिति रही तो उद्योगों में तालाबंदी और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी तय है।

वहीं, स्थानीय निवासी डीडी राणा का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता और युद्ध जैसे हालातों का असर अब सीधे आम आदमी की थाली तक पहुंच गया है। सबसे बड़ी चिंता उन हजारों प्रवासी मजदूरों की है, जिनके पास अब खाना बनाने का कोई वैकल्पिक साधन नहीं बचा है।

सामाजिक कार्यकर्ता संजीव कुमार और अन्य स्थानीय हितधारकों ने इस मुद्दे पर सीधा हस्तक्षेप करने की मांग की है। क्षेत्र की जनता ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए। औद्योगिक क्षेत्र की विशेष जरूरतों को देखते हुए गैस वितरण की व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाए।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!