तिब्बत में मानवाधिकारों की स्थिति पर चीन से मांगा जवाब

Edited By prashant sharma, Updated: 26 Feb, 2021 11:13 AM

china seeks answers on human rights situation in tibet

यूनाइटेड किंगडम (यू.के.) और यूरोपीय यूनियन (ई.यू.) ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद केे 46वेें वर्चुअल सत्र के दौरान चीन से तिब्बत सहित चीन में मानव अधिकारों की बिगड़ती स्थिति पर जवाब मांगा है।

धर्मशाला (ब्यूरो) : यूनाइटेड किंगडम (यू.के.) और यूरोपीय यूनियन (ई.यू.) ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद केे 46वेें वर्चुअल सत्र के दौरान चीन से तिब्बत सहित चीन में मानव अधिकारों की बिगड़ती स्थिति पर जवाब मांगा है। ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड के यूनाइटेड किंगडम के विदेश मामलों के सचिव डोमिनिक राब नेे चीन में बिगड़ती मानवाधिकारों की स्थिति और इसके नियंत्रण वाले क्षेत्रों में बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय चिंताओं का मुद्दा उठाया। विदेश सचिव ने परिषद के सदस्यों से कहा कि कोई भी इसके प्रमाणों की अनदेखी नहीं कर सकता है। उन्होंने उइगर मुस्लिम समुदाय और हांगकांग में मानवाधिकारों के उल्लंघन को भी उजागर किया। राब ने कहा कि तिब्बत में स्थिति गंभीर बनी हुई है। तिब्बत तक पहुंच को प्रतिबंधित किया गया है। यूरोपीय आयोग के उपाध्यक्ष व यूरोपीय यूनियन फॉर फॉरेन अफेयर्स एंड सिक्योरिटी पॉलिसी के उच्च प्रतिनिधि जोसेफ बोरेल फोंटेल्स नेे भी इस मसले पर यूरोपीय यूनियन की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय तिब्बत, शिनजियांग और इनर मंगोलिया में लोगों के अधिकारों का सम्मान करता है।
 

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!