Hamirpur: प्रोफैसर अतुल व प्रीति वर्ष 2025 की रैंकिंग में विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में शामिल

Edited By Kuldeep, Updated: 21 Sep, 2025 10:29 PM

bhota professor world ranking included

हमीरपुर जिले के डेरा परोल गांव के 2 प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों प्रोफैसर अतुल ठाकुर व प्रीति ठाकुर को प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी व एल्सेवियर की वर्ष 2025 की रैंकिंग में विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है, जोकि गर्व...

भोटा (वर्मा): हमीरपुर जिले के डेरा परोल गांव के 2 प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों प्रोफैसर अतुल ठाकुर व प्रीति ठाकुर को प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी व एल्सेवियर की वर्ष 2025 की रैंकिंग में विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है, जोकि गर्व का विषय है। बता दें कि यह दोनों रैंकिंग एजैंसी की आजीवन करियर उपलब्धि सूची में भी शामिल हैं। प्रो. अतुल ठाकुर वर्तमान में एमिटी यूनिवर्सिटी हरियाणा, गुरुग्राम एमिटी में इंस्टीच्यूट ऑफ नैनो टैक्नोलॉजी के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं और विश्वविद्यालय के पेटैंट सैल के मुख्य समन्वयक भी हैं। प्रो. प्रीति ठाकुर एमिटी इंस्टीच्यूट ऑफ नैनो टैक्नोलॉजी, एमिटी यूनिवर्सिटी हरियाणा की प्रमुख के रूप में नेतृत्व कर रही हैं।

यह गौरवपूर्ण उपलब्धि दोनों ने लगातार चौथे वर्ष हासिल की है, क्योंकि इन्हें वर्ष 2022, 2023 और 2024 की वैश्विक सूची में भी सम्मानपूर्वक स्थान मिला था। प्रो. अतुल ठाकुर और प्रो. प्रीति ठाकुर का शोध मुख्य रूप से चुंबकीय नैनो प्रौद्योगिकी और फेराइट्स के क्षेत्र पर केंद्रित है। इनके अनुसंधान कार्य ने विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनमें माइक्रोवेव व उच्च आवृत्ति अनुप्रयोग, राडार अवशोषित सामग्री, जल शोधन तकनीक, एंटीना लघु करण व संचार प्रणाली, उच्च घनत्व मैमोरी भंडारण, उन्नत सैंसर तकनीक, मैटा मैटीरियल्स, कृषि क्षेत्र में फेराइट्स के अभिनव शामिल हैं। डा. अतुल ठाकुर ने अब तक 300 से अधिक शोध पत्र अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित किए हैं, जबकि डा. प्रीति ठाकुर ने 272 से अधिक शोध पत्र अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित किए हैं।

इसी तरह इन दोनों वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से 50 से अधिक पेटैंट, स्प्रिंगर, एल्सेवियर, सीआरएस प्रैस आदि बहुचर्चित अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन समूहों के साथ कई संपादित पुस्तकें प्रकाशित की हैं। वहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फ्रांस, अमरीका, रूस, ताइवान व सऊदी अरब के कई विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के साथ उनकी सहकार्यता है। यह उपलब्धि न केवल गांव डेरा परोल व जिला हमीरपुर की है, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश और भारत के लिए गौरव की बात है।

 

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