Edited By Vijay, Updated: 15 Apr, 2026 04:41 PM

स्वारघाट वन परिक्षेत्र के अंतर्गत जकातखाना बीट (डीपीएफ सी-5 चाब) के जंगलों में खैर के पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया है। मामले में कार्रवाई में करते हुए वन विभाग और स्वारघाट पुलिस ने मिलकर 4 तस्करों को धर दबोचा है।
स्वारघाट (रोहित): स्वारघाट वन परिक्षेत्र के अंतर्गत जकातखाना बीट (डीपीएफ सी-5 चाब) के जंगलों में खैर के पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया है। मामले में कार्रवाई में करते हुए वन विभाग और स्वारघाट पुलिस ने मिलकर 4 तस्करों को धर दबोचा है। मामले की पुष्टि बिलासपुर के एसपी संदीप धवल ने की है।
जानकारी के अनुसार वन रक्षक राहुल कुमार और वन कर्मी राजेश कुमार जकातखाना से बनेर की तरफ रात्रि गश्त पर थे। रात करीब डेढ़ बजे जब टीम नटनीघाड के पास पहुंची, तो वहां सड़क किनारे एक पिकअप वाहन (एचपी 69-3174) स्टार्ट अवस्था में खड़ा मिला और उसके पास खैर के 2 लॉग पड़े थे। शक होने पर जब टीम ने जंगल की ओर तलाशी ली तो वहां एक युवक मनीष कुमार पेड़ के पीछे छिपा हुआ पाया गया, जबकि उसके अन्य साथियों के भागने की आवाजें सुनाई दीं। वन विभाग की टीम ने मनीष कुमार को मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया और तुरंत अपने उच्च अधिकारियों व स्वारघाट पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम से बीओ मान चंद धीमान, बीओ चैक पोस्ट स्वारघाट राकेश चौधरी और वन खंड अधिकारी कृष्ण कुमार तथा स्वारघाट पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से भागेअन्य तीन लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए चारों आरोपी बिलासपुर जिला के ही रहने वाले हैं, जिनकी पहचान मनीष कुमार (35) पुत्र प्रीतम निवासी गांव व डाकघर लखनपुर, संतोष कुमार (39) पुत्र बालक राम निवासी गांव पट्टा व डाकघर कल्लर, परमजीत ठाकुर (35) पुत्र श्याम लाल निवासी गांव जब्बल व डाकघर कुटैहला और जसपाल (38) पुत्र चैत राम निवासी गांव तुन्नू डाकघर कल्लर के रूप में हुई है। विभाग ने मौके से पिकअप वाहन, खैर के 5 लॉग (मौछे) और कटर बरामद कर कब्जे में ले लिया है तथा आरोपियों के खिलाफ थाना स्वारघाट में बीएनएसकी धारा 303 (2), 3 (5) और इंडियन फॉरेस्ट एक्ट की धारा 41, 42 के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि वन विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि सड़क किनारे स्थित जंगलों में रात के अंधेरे में वन काटू खैर के पेड़ों का अवैध कटान कर रहे हैं, जिससे सरकारी संपत्ति और राजस्व को भारी नुक्सान हो रहा था। इस पर संज्ञान लेते हुए आरओ स्वारघाट ने विशेष टीम गठित कर रात्रि गश्त को तेज किया था, जिसके परिणाम स्वरूप यह बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
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