हिमाचल में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की राडार पर 1800 ड्रग ट्रैफिकर

Edited By Vijay, Updated: 10 Aug, 2022 12:57 AM

1800 drug traffickers on the radar of anti narcotics task force

हिमाचल प्रदेश में लोकल ही नहीं विदेशी और बाहरी राज्यों के तस्कर भी नशीले मादक पदार्थ परोस रहे हैं। इसका खुलासा प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा प्रदेश के सभी थानों में नवम्बर 2021 में शुरू किए एक रजिस्टर में हुआ है जिसमें प्रदेश में सभी थानों में...

परौर (केपी पांजला): हिमाचल प्रदेश में लोकल ही नहीं विदेशी और बाहरी राज्यों के तस्कर भी नशीले मादक पदार्थ परोस रहे हैं। इसका खुलासा प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा प्रदेश के सभी थानों में नवम्बर 2021 में शुरू किए एक रजिस्टर में हुआ है जिसमें प्रदेश में सभी थानों में पंजीकृत एनडीपीएस एक्ट के केसों में शामिल ड्रग ट्रैफिकर का डाटाबेस बनाया जा रहा है। नवम्बर 2021 से 5 अगस्त 2022 तक करीब 1800 ड्रग ट्रैफिकर की पहचान कर उनके ऊपर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और कुल्लू में सबसे ज्यादा ड्रग ट्रैफिकर हैं। हिमाचल को ड्रग फ्री करवाने के लिए इन दिनों प्रदेश की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने शिकंजा कसते हुए प्रदेश के सभी जिलों में चैकिंग बढ़ा दी है, साथ ही कैमिस्टों की दुकानों पर भी चैकिंग की जा रही है। इस वर्ष अब तक 600 किलोग्राम से अधिक एनडीपीएस प्रतिबंधित पदार्थों का निपटान किया गया है जो इस वर्ष 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि है। 

15 अगस्त तक 75000 किलोग्राम मादक पदार्थों के निषेध के निपटान का लक्ष्य 
अधिकारियों के अनुसार आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर गृह मंत्री अमित शाह ने 15 अगस्त तक 75000 किलोग्राम मादक पदार्थों के निषेध के निपटान का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में हिमाचल में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने मादक पदार्थों के निस्तारण का अभियान युद्धस्तर पर चलाया हुआ है। साथ ही नशे के खिलाफ स्कूली बच्चों को भी अवेयर किया जा रहा है। स्पैशल डॉग के साथ बॉर्डर से गुजरने वाली बसों व गाडिय़ों की चैकिंग की जा रही है। बता दें कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 26 जून को एडीजीपी सीआईडी की अध्यक्षता में एक एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की थी जिसके बाद 29 जुलाई को टास्क फोर्स अधिसूचित कर दी गई है।

फेसबुक पर भी दे सकते हैं तस्करों की सूचना
अधिकारियों के अनुसार इस टास्क फोर्स का मकसद प्रदेश में नशे की समस्या से समग्र रूप से निपटना है। यह हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों और सरकार के अन्य विभागों के साथ आपस में सामंजस्य बिठाकर काम करती है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का फेसबुक हैंडल है। इसके साथ लोग ड्रग फ्री हिमाचल एप के माध्यम से गोपनीय तरीके से नशा तस्करों की सूचनाएं भी दे सकते हैं। 

आरोपियों की 1 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त
एडीजी सीआईडी एसपी सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के कुछ मामलों में आरोपियों की वित्तीय जांच भी की जा रही है। इसके तहत अवैध संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है। इसी कड़ी में कांगड़ा जिला पुलिस नेएक हैरोइन तस्कर के खिलाफ दर्ज केस में कार्रवाई करते हुए लगभग 1 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति को जब्त करके जब्ती आदेश सक्षम अधिकारी दिल्ली को भेज दिए हैं। इसके साथ ही कई मामलों में वित्तीय जांच जारी है। 

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