बिना मान्यता वाले शिक्षण संस्थानों की खैर नहीं

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Monday, September 4, 2017-9:11 AM

शिमला: हिमाचल प्रदेश में स्थित निजी शिक्षण संस्थानों में यदि बिना मान्यता के कोर्स चल रहे हैं तो ऐसे कोर्स संचालित करने वाले निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधनों पर कार्रवाई की जाएगी। हिमाचल निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने निजी शिक्षण संस्थानों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। बिना मान्यता कोर्स चलाए जाने पर नियामक आयोग नियमों के तहत कार्रवाई अमल में लाएगा। 


सभी कोर्सों की मान्यता संबंधी ब्यौरा मांगा
नियामक आयोग ने सभी निजी शिक्षण संस्थानों से वहां चल रहे सभी कोर्सों की मान्यता संबंधी ब्यौरा मांगा है। ब्यौरा मांगे जाने के बाद अब हिमाचल प्रदेश में स्थित सभी निजी शिक्षण संस्थानों को जमा-2 कक्षा से ऊपर के संचालित सभी कोर्सों की मान्यता संबंधित दस्तावेज हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग को भेजने होंगे। इसको लेकर आयोग ने पब्लिक नोटिस जारी किया है और इस नोटिस के जारी होने की तिथि से 30 दिनों में ब्यौरा भेजने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग के पास विभिन्न निजी शिक्षण संस्थानों की ओर से ब्यौरा आने के बाद आयोग इस ब्यौरे पर गौर कर आगामी प्रक्रिया अमल में लाएगा।


बताना होगा किससे ली है मान्यता
बताते हैं कि प्रदेश में स्थित विभिन्न निजी शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2017-18 के तहत कक्षाओं का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में इस वर्तमान शैक्षणिक सत्र में निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा चलाए जा रहे कोर्सों की मान्यता संबंधित दस्तावेजों को आयोग को भेजना होगा। आयोग को भेजे जाने वाले दस्तावेजों में निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधनों को बताना होगा कि उनके शिक्षण संस्थान में जो कोर्स चल रहे हैं, वे किस विश्वविद्यालय या एफिलिएशन बॉडी से मान्यता प्राप्त हैं। आयोग सचिव की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यदि किसी निजी शिक्षण संस्थान में कोई कोर्स बिना मान्यता के चलता पाया गया तो नियमों के तहत उक्त संस्थान पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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