बिगड़े मौसम ने ली 5 की जान, Landslide से शिमला जाम

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Thursday, April 6, 2017-9:09 PM

शिमला (विकास शर्मा): शिमला बाईपास पर टूटीकंडी के पास लैंडस्लाइड होने से शिमला में जाम की स्थिति बनी हुई है। बाईपास बंद होने की वजह से शिमला की दूसरी सड़कों पर भी भारी जाम देखने को मिल रहा है। प्रशासन जल्द से जल्द बाईपास को बहाल करने की कोशिशों में लगा है लेकिन खराब मौसम की वजह से काम करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह भूस्खलन उसी जगह के पास हुआ है जहां पर रोप-वे बनाने का काम चल रहा है। दिन भर शिमला में मौसम खराब रहा। तेज हवाओं और ओलों ने आफत बढ़ा दी। हवा की वजह से जगह-जगह पेड़ भी गिर गए हैं। मौसम बिगडऩे से शिमला का तापमान पिछले 24 घंटों में 10-12 डिग्री तक लुढ़क गया है।

मुख्य सचिव ने लिया हालात का जायजा
पिछले 2 दिनों के दौरान भारी वर्षा, ओलावृष्टि तथा ऊंची चोटियों पर हिमपात का जायजा लेने के लिए मुख्य सचिव वी.सी. फारका ने राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन की विशेष बैठक बुलाई। प्रदेश के सभी जिलों में अभूतपूर्व ओलावृष्टि सहित भारी वर्षा दर्ज की गई है। उन्होंने लोक निर्माण, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य तथा विद्युत विभागों को प्रभावित सड़कों, जलापूर्ति योजनाओं तथा बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने नुक्सान पर सभी जिलों से रिपोर्ट भी मांगी है।

5 लोगों की हुई मौत 
मुख्य सचिव ने बताया कि रामपुर के पास खड़ाहन गांव में बिजली गिरने से 2 व्यक्तियों की मौत हो गई जबकि 8 अन्य घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को आई.जी.एम.सी. शिमला रैफर किया गया है। इसके अलावा सुंदरनगर में ढांक से फिसलने के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला के उपमंडल बैजनाथ के धार-जोत गांव में बिजली गिरने के कारण एक व्यक्ति तथा 15 मवेशियों की मौत हुई है। इसके अतिरिक्त 18 कच्चे घर तथा 5 गौशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला के उपमंडल बंजार में तूफान से 15 कच्चे घर आंशिक रूप से ध्वस्त हुए हैं। एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की डलहौजी में भी मौत हुई है।

सभी इलाकों में रिकॉर्डतोड़ बारिश
मौसम विभाग के निदेशक डा. मनमोहन शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पिछले कल ही 12.3 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई है जो सामान्य वर्षा 2.6 मि.मी. से 381 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिले के कल्पा में 63.4 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है और इससे वर्ष 2002 का रिकार्ड टूटा है।

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