यहां नगर परिषद की नाक के नीचे फलफूल रहा दुकानों की सबलैटिंग का धंधा

Edited By Vijay, Updated: 21 Sep, 2019 03:38 PM

subletting business under the city council

नगर परिषद की दुकानों एवं रेहडिय़ों को नगर परिषद के किराएदारों द्वारा आगे महंगे दाम पर किराए पर देकर सबलैट किया जा रहा है। शहर में नगर परिषद द्वारा बनाई गईं दुकानों को सबलैट करने का धंधा जोरों पर है।

सुजानपुर: नगर परिषद की दुकानों एवं रेहडिय़ों को नगर परिषद के किराएदारों द्वारा आगे महंगे दाम पर किराए पर देकर सबलैट किया जा रहा है। शहर में नगर परिषद द्वारा बनाई गईं दुकानों को सबलैट करने का धंधा जोरों पर है। नगर परिषद से कम किराए पर अपने नाम करवाई गईं ये दुकानें आगे महंगे किराए पर चढ़ाई जा रही हैं लेकिन नगर परिषद को इस बात की कानोंकान खबर तक नहीं है। शहर में सबलैटिंग का यह धंधा काफी फलफूल रहा है। दुकानों के साथ-साथ रेहड़ी वाले दुकानदार भी इस धंधे में शामिल हैं।

बता दें कि नगर परिषद की शहर में लगभग 100 दुकानें हैं, जिनमें रेहड़ी-फड़ी वाले दुकानदार भी शामिल हैं। गौरतलब है कि नगर परिषद द्वारा रेहड़ी वालों से 400 से 500 रुपए तक महीने का किराया लिया जाता है जबकि जिसके नाम यह रेहड़ी नगर परिषद ने दे रखी है, उस व्यक्ति ने उस रेहड़ी को खुद न चलाकर आगे किराए पर दे रखा है और यह किराया हजारों रुपए में वसूला जा रहा है। नगर परिषद को पुराने किराए में ही संतोष करना पड़ रहा है जबकि कुछेक तो ऐसे हैं जिन्होंने कई सालों से नगर परिषद को किराया तक नहीं दिया है।

शहर में सरकारी दुकानों को आगे महंगे दामों पर किराए पर चढ़ाने में किराएदारों ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। हैरानी इस बात की है कि नगर परिषद सब कुछ अपनी आंखों के सामने होता देखने के बाद भी ऐसे लोगों पर कार्रवाई करना उचित नहीं समझती, जिस कारण ऐसे किराएदारों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं। नगर परिषद अधिकारी संजय कुमार से बात की तो उन्होंने बताया जिन दुकानदारों ने ऐसा कार्य किया है, उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सबलैटिंग करना कानूनी अपराध है। 

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