Edited By Swati Sharma, Updated: 11 Feb, 2026 11:22 AM

Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के भराड़ी थाना क्षेत्र में एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी और ससुराल पक्ष पर उसकी एचआईवी पॉजिटिव (HIV+) होने की जानकारी सार्वजनिक करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत...
Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के भराड़ी थाना क्षेत्र में एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी और ससुराल पक्ष पर उसकी एचआईवी पॉजिटिव (HIV+) होने की जानकारी सार्वजनिक करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी प्रावधानों के तहत तफ्तीश शुरू कर दी है।
सामाजिक बहिष्कार और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
पीड़ित द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, उसकी पत्नी और कुछ अन्य रिश्तेदारों ने उसकी गंभीर बीमारी से जुड़ी गोपनीय जानकारी को जानबूझकर पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में फैला दिया। पीड़ित का कहना है कि कानूनन इस बीमारी से संबंधित जानकारी को पूरी तरह गुप्त रखना अनिवार्य है। जानकारी सार्वजनिक होने के कारण उसे अब भारी सामाजिक तिरस्कार और भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में है।
क्या बोले एसपी?
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने कहा कि 'एचआईवी/एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम' के तहत पीड़ित की पहचान और स्वास्थ्य स्थिति को गोपनीय रखना अनिवार्य है। एसपी ने स्पष्ट किया कि बिना पीड़ित की अनुमति के ऐसी संवेदनशील जानकारी साझा करना कानूनन अपराध है। इस एक्ट का मुख्य उद्देश्य पीड़ित को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
प्रशासन ने आम जनता से की ये अपील
पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। दोषियों से पूछताछ की जा रही है और तथ्यों की पुष्टि होते ही कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से भी यह अपील की है कि किसी भी व्यक्ति की निजी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को फैलाना दंडनीय अपराध है और समाज को ऐसे संवेदनशील मामलों में सहानुभूति भरा रवैया अपनाना चाहिए।