Edited By Vijay, Updated: 09 May, 2026 04:43 PM

हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के विधायी अनुभव और संसदीय कौशल पर संसद ने एक बार फिर मुहर लगाई है।
हमीरपुर (राजीव): हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के विधायी अनुभव और संसदीय कौशल पर संसद ने एक बार फिर मुहर लगाई है। उन्हें वर्ष 2026-27 के कार्यकाल के लिए संसद की प्रतिष्ठित सार्वजनिक/लोक लेखा समिति (पीएसी) का पुनः सदस्य निर्वाचित किया गया है। सरकारी खर्चों की निगरानी करने वाली देश की इस सबसे शक्तिशाली संसदीय समिति में यह उनकी लगातार तीसरी नियुक्ति है। इससे पहले उन्हें वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए भी इस समिति में शामिल किया गया था। लगातार तीन बार इस अहम समिति में जगह मिलना अनुराग ठाकुर के बढ़ते संसदीय कद और उनकी विशेषज्ञता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
क्या है लोक लेखा समिति और इसके कार्य?
संसद की लोक लेखा समिति केंद्र सरकार के वित्तीय खर्चों की जवाबदेही तय करने का सर्वोच्च मंच मानी जाती है। इस समिति में कुल 22 सदस्य होते हैं। वर्तमान में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल इस समिति के अध्यक्ष हैं। इस समिति का सबसे अहम काम नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्टों का बारीकी से विश्लेषण करना है। समिति यह सुनिश्चित करती है कि देश की जनता द्वारा चुकाए गए टैक्स का एक-एक पैसा कानून सम्मत, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से खर्च किया जाए। किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितताओं की गहराई से पड़ताल करना और सरकारी धन की फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाना इस समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हमीरपुर की आवाज को मिली राष्ट्रीय मजबूती
संसदीय कार्यों, नीतिगत चर्चाओं और विधायी निगरानी के मोर्चे पर अनुराग ठाकुर की सक्रियता उन्हें देश के सबसे अनुभवी और परिपक्व सांसदों की कतार में खड़ा करती है। पीएसी जैसी सर्वोच्च समिति में उनकी निरंतर मौजूदगी से न केवल केंद्र सरकार और संसद में उनका प्रभाव साबित होता है, बल्कि इसके जरिए राष्ट्रीय पटल पर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की आवाज भी और अधिक मुखर व मजबूत हुई है।
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