शहनाई की जगह गूंजी चीखें: पोते की बारात से पहले उठी दादा की अर्थी

Edited By Jyoti M, Updated: 10 Feb, 2026 03:46 PM

grandfather s funeral procession took place in baddi

कहते हैं कि मनुष्य योजनाएं बनाता है, लेकिन अंतिम निर्णय उस विधाता का होता है जिसके आगे किसी का जोर नहीं चलता। औद्योगिक नगरी बद्दी के वार्ड नंबर दो (महाराणा प्रताप नगर) में विधाता के इसी कठोर विधान ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में राख...

हिमाचल डेस्क। कहते हैं कि मनुष्य योजनाएं बनाता है, लेकिन अंतिम निर्णय उस विधाता का होता है जिसके आगे किसी का जोर नहीं चलता। औद्योगिक नगरी बद्दी के वार्ड नंबर दो (महाराणा प्रताप नगर) में विधाता के इसी कठोर विधान ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में राख कर दिया। जहां शहनाइयों की गूंज और शादी के गीतों की तैयारी थी, वहां अब केवल सिसकियां और सन्नाटा शेष है।

खुशियों पर भारी पड़ा काल का चक्र

प्रसिद्ध हेयर ड्रेसर नीलम कुमार (नीलू) के घर में महीनों से उनके पुत्र सागर के विवाह की तैयारियां चल रही थीं। जिला ऊना के लिए मंगलवार को बारात प्रस्थान करने वाली थी। घर फूलों और रोशनी से जगमगा रहा था, मेहमानों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी और पूरा मोहल्ला इस जश्न में शामिल होने को उत्साहित था। लेकिन रविवार की काली रात ने सब कुछ बदल दिया।

अंतिम सांस तक साथ न दे पाया 'अटूट' बंधन

नीलम कुमार के 82 वर्षीय पिता, मदन लाल, की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद परिजन बिना समय गंवाए उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ की ओर लेकर भागे। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल की दहलीज तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें ब्रेन हेमरेज की शिकायत भी थी।

मोहल्ले की रौनक थे मदन लाल

स्वर्गीय मदन लाल शहर के एक सम्मानित व्यक्ति थे जो अपनी दुकान के माध्यम से वर्षों से लोगों से जुड़े रहे। अपने पीछे दो बेटे, दो बेटियां और पांच पोते-पोतियों का भरा-पूरा परिवार छोड़कर गए मदन लाल की कमी पूरे बद्दी शहर को खल रही है। उनके मिलनसार स्वभाव के कारण आज न केवल उनका घर, बल्कि पूरा नगर निगम क्षेत्र शोक संतप्त है।
 

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