मंदिर न्यास की पहल: मां बाला सुंदरी की शरण में आएगा बेसहारा गोवंश, बनेगी गायों के लिए गौशाला

Edited By Jyoti M, Updated: 16 Mar, 2026 12:58 PM

destitute cattle will find shelter in the sanctuary of mother bala sundari

सड़कों और बाजारों में भटकते बेसहारा गोवंश को जल्द ही सुरक्षित आश्रय मिलने जा रहा है। माता बाला सुंदरी मंदिर न्यास त्रिलोकपुर ने यहां एक बड़ी गौशाला स्थापित करने का निर्णय लिया है, जहां भविष्य में करीब 1000 गायों को रखने की व्यवस्था की जाएगी। इसके...

नाहन (आशु वर्मा) : सड़कों और बाजारों में भटकते बेसहारा गोवंश को जल्द ही सुरक्षित आश्रय मिलने जा रहा है। माता बाला सुंदरी मंदिर न्यास त्रिलोकपुर ने यहां एक बड़ी गौशाला स्थापित करने का निर्णय लिया है, जहां भविष्य में करीब 1000 गायों को रखने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए हिमुडा की लगभग 86 बीघा भूमि चिन्हित की गई है और भूमि समतलीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है।

मंदिर न्यास इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित करेगा। पहले चरण में यहां करीब 200 से 250 गायों को रखा जाएगा। इसके बाद शेड, चारे और पानी की व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे गोवंश के रख-रखाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। मंदिर न्यास से जुड़े लोगों का कहना है कि मां बाला सुंदरी की नगरी में शुरू होने वाली यह पहल गोसेवा की परंपरा को नई मजबूती देगी। मंदिर परिसर से जुड़ी इस सेवा से श्रद्धालुओं को भी गौसेवा के कार्य में भागीदारी का अवसर मिलेगा।

लंबे समय से महसूस की जा रही थी जरूरत

दरअसल जिला मुख्यालय नाहन से करीब तीन किलोमीटर दूर एक अन्य माता बाला सुंदरी गोसदन मौजूद है, लेकिन उसकी क्षमता सीमित है। ऐसे में नाहन विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से बेसहारा गोवंश के सड़कों और बाजारों में घूमने की समस्या बनी हुई है। कई बार इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है, जबकि आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर एक बड़ी और व्यवस्थित गौशाला की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित गौशाला बनने के बाद ऐसे गोवंश को सुरक्षित स्थान मिल सकेगा और क्षेत्र में इस समस्या के समाधान की दिशा में भी राहत मिलने की उम्मीद है।

क्षेत्रवासियों से सहयोग व दान की अपील

मंदिर न्यास ने इस पुनीत कार्य के लिए क्षेत्र के लोगों और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है। न्यास का कहना है कि गौसेवा भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ा कार्य है और जो भी श्रद्धालु इस गौशाला के निर्माण में योगदान देना चाहते हैं, वे माता बाला सुंदरी मंदिर न्यास के माध्यम से दान देकर इस सेवा में भागीदार बन सकते हैं।

क्या कहते हैं एसडीएम

एसडीएम नाहन एवं मंदिर न्यास के सहायक आयुक्त राजीव सांख्यान ने बताया कि क्षेत्र में बेसहारा गोवंश की समस्या को देखते हुए मंदिर न्यास द्वारा यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि हिमुडा की करीब 86 बीघा भूमि पर गौशाला के लिए आवश्यक ढांचा विकसित किया जा रहा है और पहले चरण में लगभग 200 से 250 गायों से इसकी शुरुआत की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के लोगों और श्रद्धालुओं से भी इस पुनीत कार्य में सहयोग देने की अपील की है, ताकि गोसंरक्षण के इस अभियान को और मजबूती मिल सके।

त्रिलोकपुर स्थित मां बाला सुंदरी मंदिर उत्तर भारत की प्रसिद्ध सिद्धपीठों में से एक है और यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर न्यास द्वारा शुरू की जा रही यह पहल आस्था और सेवा के संगम का प्रतीक मानी जा रही है।

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