सुख-आश्रय अनाथ व निराश्रितों के लिए वरदान : सुखविंदर सिंह

Edited By Vijay, Updated: 07 Apr, 2023 10:14 PM

chief minister sukhvinder singh

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के सुख-आश्रय विधेयक से अनाथ, निराश्रितों का भविष्य सुरक्षित व उज्ज्वल बनेगा। प्रदेश में मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य में लंबे समय से उपेक्षित मुद्दे को हल...

शिमला (हैडली): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सुख-आश्रय विधेयक से अनाथ, निराश्रितों का भविष्य सुरक्षित व उज्ज्वल बनेगा। प्रदेश में मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य में लंबे समय से उपेक्षित मुद्दे को हल करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हिमाचल प्रदेश सुख-आश्रय (बच्चों की देखभाल, संरक्षण और आत्मनिर्भरता) विधेयक को विधानसभा में पारित करके कानूनी रूप में अनाथ बच्चों का भविष्य सुनिश्चित किया है। इस विधेयक से अनाथ और निराश्रित बच्चों को जहां बेहतर सुविधाएं मिल पाएंगी, वहीं उन्हें अपने भविष्य की नींव को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुख-आश्रय विधेयक के लागू होने से राज्य के 6000 निराश्रित बच्चों, जिन्हें अब ‘चिल्ड्रन ऑफ स्टेट’ के रूप में अपनाया गया है, के लिए प्रदेश सरकार ही माता और पिता है। राज्य सरकार इन बच्चों को अभिभावक के रूप में पालने-पोसने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। इस विधेयक का उद्देश्य अनाथ, निराश्रित और दिव्यांग बच्चों को उचित देखभाल, सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। इसमें चाइल्ड केयर और आफ्टर केयर संस्थानों में रहने वाले बच्चों को वस्त्र और उत्सव अनुदान प्रदान करने का प्रावधान भी किया गया है, साथ ही बच्चों को राज्य के भीतर और अन्य राज्यों में वाॢषक शैक्षणिक भ्रमण का अवसर भी हासिल होगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक बच्चे के लिए आवर्ती जमा खाते खोले जाएंगे, जिनमें राज्य सरकार योगदान देगी। 

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार इन बच्चों को 27 वर्ष की आयु तक उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और कोचिंग प्रदान करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करेगी और इस दौरान उनके व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करने के लिए स्टाइपैंड प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बिल में जो बच्चे 18 वर्ष की आयु के बाद अपना स्टार्टअप स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें प्रदेश सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करने के अलावा भूमिहीन, अनाथों और निराश्रितों को 3 बिस्वा भूमि आबंटन व आवास अनुदान का भी प्रावधान करेगी।

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