Edited By Jyoti M, Updated: 17 Mar, 2026 02:22 PM

कल्पना कीजिए कि करोड़ों का टर्नओवर रखने वाली मशीनें और हजारों कामगार अचानक थम जाएं, और इसकी वजह कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि एक छोटा सा जीव हो। हिमाचल के औद्योगिक हब बद्दी में कुछ ऐसा ही हुआ, जहाँ एक चूहे की 'कुतरन' ने पूरे शहर की रफ्तार पर...
सोलन: कल्पना कीजिए कि करोड़ों का टर्नओवर रखने वाली मशीनें और हजारों कामगार अचानक थम जाएं, और इसकी वजह कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि एक छोटा सा जीव हो। हिमाचल के औद्योगिक हब बद्दी में कुछ ऐसा ही हुआ, जहाँ एक चूहे की 'कुतरन' ने पूरे शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।
क्या था पूरा मामला?
हफ्ते के पहले ही दिन काठा स्थित मुख्य विद्युत सब-स्टेशन में दोहरी मार पड़ी। एक तरफ सुबह आए तेज अंधड़ ने सिस्टम को झकझोरा, तो दूसरी तरफ सब-स्टेशन के भीतर चूहों ने बिजली के संवेदनशील तारों को अपना निशाना बना लिया। वायरिंग कटने की वजह से शॉर्ट-सर्किट हुआ और देखते ही देखते पूरे क्षेत्र की बत्ती गुल हो गई।
उद्योगों को लगा तगड़ा झटका
यह पावर कट मामूली नहीं था; करीब 12 घंटों तक बिजली न होने से बद्दी के औद्योगिक घरानों को भारी चपत लगी है। फैक्ट्रियों में काम रुकने से लाखों का माल समय पर तैयार नहीं हो सका।
उद्यमियों के अनुसार, अचानक हुए इस शटडाउन से मशीनों के फंसने और लेबर लॉस के कारण बड़ा वित्तीय घाटा हुआ है। केवल फैक्ट्रियां ही नहीं, बल्कि भीषण गर्मी और उमस के बीच आम जनता को भी पूरा दिन बिना पंखे और पानी के गुजारना पड़ा।
युद्ध स्तर पर चला मरम्मत कार्य
बिजली बोर्ड के ट्रांसमिशन विंग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोमवार का दिन चुनौतियों से भरा रहा। एक्सईएन रोबिन के नेतृत्व में तकनीकी टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। जांच के दौरान पता चला कि काठा सब-स्टेशन से जुड़े लगभग 30 फीडरों में से 6 बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
दिन भर चली कड़ी मशक्कत और मरम्मत के बाद, टीम ने चरणबद्ध तरीके से फीडरों को चालू किया। दोपहर तक आधे हिस्से में और देर शाम तक पूरे शहर में बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई।