Edited By Jyoti M, Updated: 12 Jan, 2026 12:50 PM

सोमवार सुबह सिरमौर के नाहन शहर के सैन्य क्षेत्र में एक बड़ा हादसा टल गया। जब जाबल के बाग के पास सड़क पर दौड़ती एक ऑल्टो कार अचानक आग का गोला बन गई, तो वहां तैनात भारतीय सेना के जवान रक्षक बनकर सामने आए।
नाहन। सोमवार सुबह सिरमौर के नाहन शहर के सैन्य क्षेत्र में एक बड़ा हादसा टल गया। जब जाबल के बाग के पास सड़क पर दौड़ती एक ऑल्टो कार अचानक आग का गोला बन गई, तो वहां तैनात भारतीय सेना के जवान रक्षक बनकर सामने आए। जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कार में फंसी तीन महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ी त्रासदी होने से रुक गई।
क्या है पूरा मामला?
सुबह करीब 8 बजे भलगांव निवासी श्वेता कश्यप अपनी कार (HP-18A-2067) से दो अन्य साथियों के साथ स्कूल की ओर जा रही थीं। तीनों महिलाएं पेशे से शिक्षिका हैं। जैसे ही उनकी कार आर्मी एरिया के पास पहुँची, इंजन में तकनीकी खराबी आने के कारण अचानक धुंआ निकलने लगा और देखते ही देखते लपटों ने पूरी गाड़ी को घेर लिया।
जांबाजी और तत्परता की मिसाल
सड़क पर कार को आग की लपटों में घिरा देख वहां मौजूद सेना के जवानों ने गजब की फुर्ती दिखाई। बिना वक्त गंवाए जवान जलती कार की ओर लपके और घबराई हुई तीनों महिला शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जवानों ने चंद सेकंड्स की भी देरी की होती, तो परिणाम घातक हो सकते थे।
दमकल विभाग की कार्रवाई और नुकसान
हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुँच गई। दमकल कर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद आग को शांत किया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह से स्वाहा हो चुकी थी। इस आकस्मिक अग्निकांड में लगभग 1.50 लाख रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है।
गनीमत रही कि इस खौफनाक मंजर के बावजूद किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सेना के जवानों के इस साहसी कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है।