यहां 500 लोगों को सता रहा रैबीज का खतरा, जानिए कैसे

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Tuesday, September 12, 2017-10:39 PM

सलूणी: विकास खंड सलूणी की पंचायत डांड के वार्ड सदस्य तुला के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसीलदार सलूणी अजय पराशर से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपकर धरियाणी गांवों के करीब 500 लोगों को ए.वी.आर. (एंटी रैबीज वैक्सीन) करने बारे मांग की गई। वार्ड सदस्य तुला राम, लोगों नरेंद्र कुमार, चैन लाल, सतीश कुमार, संजू राम, काबली राम, चंपो, संजय कुमार, लाल चंद, मालती देवी, सोनी देवी, रतो, जालम, बिट्टू, सपना, पंकू, मुकेश व ज्ञासो शांति का कहना है कि करीब 500 लोगों ने 7 सितम्बर को धीरज कुमार पुत्र तेजू गांव धरियाणी पंचायत डांड में उसके पिता की बरसी में गए और वहां पर धाम खाई थी। उस धाम में एक बीमार गाय का दूध व लस्सी का इस्तेमाल किया गया।

बरसी के दूसरे दिन हो गई गाय की मौत
बरसी के दूसरे दिन उस गाय की मौत हो गई और चिकित्सक द्वारा उस गाय की मैडीकल जांच करवाने पर चिकित्सक ने उस गाय को पागल बताया। उन्होंने बताया कि पागल गाय के दूध व लस्सी से बनी धाम को खाने वाले करीब 500 लोगों में रैबीज फैलने का भय सताने लगा है। उन्होंने बताया कि लोग अपना सामुदायिक अस्पताल किहार व सलूणी में ए.वी.आर.(एंटी रैबीज वैक्सीन) का टीकाकरण करने के लिए गए लेकिन अस्पताल में इंजैक्शन उपलब्ध न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

बाजार में एंटी रैबीज वैक्सीन इंजैक्शन महंगा
उन्होंने बताया कि प्रभावित लोग गरीब परिवार से संबंध रखने वाले हैं और बाजार से एंटी रैबीज वैक्सीन का महंगा इंजैक्शन खरीद कर लगवाने में असमर्थ हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में ए.वी.आर. इजैक्शनों के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर प्रभावित लोगों का टीकाकरण किया जाए। वहीं तहसीलदार सलूणी ने बतााया कि इस मामले पर डी.सी. चम्बा को आगामी कार्रवाई के लिए पत्राचार किया गया है।

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