स्की विलेज के प्रस्ताव पर HC का बड़ा फैसला, जानने के लिए पढ़ें खबर

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Thursday, January 11, 2018-2:07 AM

कुल्लू: सोलंगनाला, कोठी गांव में बहुराष्ट्रीय निजी कम्पनी द्वारा जो स्की विलेज बनाने का प्रस्ताव हाईकोर्ट में रखा गया था, उसे अब हाईकोर्ट की डबल बैंच द्वारा निरस्त कर दिया गया है। कुल्लू की जन जागरण विकास संस्था द्वारा इसे निरस्त करने के लिए 2012 में हाईकोर्ट में अपील की गई थी और हाईकोर्ट की डबल बैंच ने भी संस्था द्वारा पेश किए गए तथ्यों के आधार पर 7 दिसम्बर को यह फैसला सुनाया। जन जागरण विकास संस्था के प्रधान लाल चन्द कटोच ने बताया कि लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद उच्च न्यायालय की डबल बैंच ने 7 दिसम्बर को कम्पनी के केस को निरस्त कर दिया। यह निर्णय संस्था की बहुत बड़ी उपलब्धि है क्योंकि इससे पर्यावरण, स्थानीय लोगों की आजीविका व अधिकारों का बचाव हुआ है। 

19 मार्च, 2004 को प्रस्तुत किया था प्रस्ताव
गौर हो कि निजी कम्पनी द्वारा प्रदेश सरकार को 19 मार्च, 2004 को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे सरकार द्वारा 9 दिसम्बर, 2004 को एक एम.ओ.यू. के आधार पर स्वीकृति प्रदान की गई। इसी के अनुसार 5 जून, 2006 को कार्यान्वयन समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस पर 3500 करोड़ रुपए व्यय करने का प्रावधान था। इसके लिए हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 2500 बीघा भूमि 99 वर्ष के लीज पर दी जानी थी। इस परियोजना के अंतर्गत 8000 से 13500 फुट ऊंचाई के मध्य 673 कमरों के होटल, 485 सूट, 130 शैलट तथा गंडोला, एयर लिफ्ट व स्की स्लोप आदि बनाए जाने थे। 

13 पंचायतों को होनी थी हानि
जन जागरण एवं विकास संस्था ने इस बारे में सूचना मिलते ही इससे होने वाले लाभ व हानियों बारे विस्तृत चर्चा की। इसके पश्चात संस्था ने इस परियोजना का विरोध करने का निर्णय लिया क्योंकि इस परियोजना से पर्यावरण असंतुलन, जड़ी बूटियों का अत्यधिक दोहन, वन्य प्राणियों के जीवन पर संकट, भूमिगत व अन्य जल स्रोतों का प्रदूषण और स्थानीय लोगों की आजीविका का अधिकार, देवस्थलों का विनाश व देश की सुरक्षा पर बहुत बुरा प्रभाव पडऩा था। इस क्षेत्र की 13 पंचायतों के लगभग 40,000 लोग प्रभावित होने थे। 


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