बददाघाट से चल रहा था चरस का कारोबार, सैंज से आती थी थोक में खेप

  • बददाघाट से चल रहा था चरस का कारोबार, सैंज से आती थी थोक में खेप
You Are HereHimachal Pradesh
Thursday, January 12, 2017-1:50 AM

घुमारवीं: यह घुमारवीं पुलिस तंत्र को सरेआम चुनौती कही जा सकती है कि लंबे अरसे से इसी थाना क्षेत्र के एक गांव में 2 लोग कुल्लू जिले से थोक में चरस की खेपें लाते रहे। घुमारवीं मुख्यालय व इसके आसपास के क्षेत्रों में स्कूलों, कालेजों व दूसरे कई स्थानों पर अपने फुटकर नैटवर्क से नशा युवाओं तक पहुंचाते रहे। घुमारवीं उपमंडल पुलिस की निष्क्रियता ही है कि नशा आज भी युवाओं को दरवाजे पर आकर मिल रहा है। यह साफ इशारा है कि मादक पदार्थों के धंधेबाजों का नैटवर्क पुलिस के नैटवर्क से घना और गहरा है। इसे भेदने में अब तक घुमारवीं पुलिस पूरी तरह से विफल साबित हुई है। 

2 लोगों से कई चौंकाने वाले खुलासे
चोरी की कई वारदातें सुलझाने में एक अलग छाप छोडऩे वाले शाहतलाई पुलिस थाने के मौजूदा प्रभारी कर्म सिंह की ओर से हाल ही में चरस के आरोप में गिरफ्तार किए गए 2 लोगों से कड़ी पूछताछ के बाद ऐसे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में काफी हद तक उनके साथ नैटवर्क में जुड़े हुए लोगों के राज भी पुलिस को उगल दिए हैं। दोनों आरोपी घुमारवीं पुलिस थाने के तहत आने वाले बददाघाट क्षेत्र के रहने वाले हैं। 

सैंज के हजाम ने वेतन पर रखे हैं कुछ लोग
पूछताछ में एक आरोपी ने पुलिस के समक्ष खुलासा किया है कि वह कुल्लू जिले के सैंज एरिया में हजाम की दुकान करता है। उसका भाई भी वहां पर इसी काम में है। वहां पर उनका बड़ा काम है और कई लोग उन्होंने तनख्वाह पर भी रखे हुए हैं। कुछ समय पहले उसकी मुलाकात नेपाली मूल के एक व्यक्ति के साथ हुई। उसी ने उसे चरस के कारोबार में हाथ आजमाने के लिए प्रेरित किया। तब से लेकर अब तक वह व उसका साथी कुल्लू जिले के सैंज एरिया से घुमारवीं थाने के तहत आने वाले बददाघाट एरिया में पढऩे वाले युवाओं के लिए चरस लाते रहे हैं। 

इसी कमाई से खरीदी गाड़ी
सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने घुमारवीं नगर, भराड़ी, दधोल, बरठीं, भगेड़, झंडूता व कुठेड़ा कई क्षेत्रों में अपना फुटकर बिक्री नैटवर्क तैयार किया है। सूत्रों ने बताया कि दोनों आरोपियों में से एक ने तो इसी कमाई से अपने लिए गाड़ी भी खरीद ली है और आर्थिक तौर पर काफी मजबूत होने का प्रयास किया है। सवाल यही है कि बददाघाट में बैठकर चरस के ये आरोपी कथित तौर पर अपना पूरा नैटवर्क चलाते रहे और कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर घुमारवीं पुलिस के कानों तक इनकी इस सक्रियता की खबर तक नहीं पहुंची। 

जाहू में रिटेल बिक्री का अड्डा
सूत्रों ने बताया कि हमीरपुर जिले के जाहू में भी रिटेल में बिक्री के लिए इन आरोपियों ने अपना अड्डा बना रखा था। घुमारवीं के साथ-साथ भराड़ी पुलिस के लिए भी यह चुनौतीपूर्ण है कि उसके क्षेत्र से होते हुए ही चरस के कारोबार का नैटवर्क फल-फूल रहा है। दोनों आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में पूरे घुमारवीं उपमंडल में रिटेल में नशा बेचने वाले कई लोगों के नामों का भी खुलासा किया है और यह भी कहा कि चरस इस क्षेत्र में आने वाले और भी कई माध्यम हैं, जिनके जरिए अभी तक यह कारोबार चल रहा है। 

पुलिस गड़ाए है नजर : एस.पी. राहुल नाथ
अब घुमारवीं उपमंडल की पुलिस को आपसी समन्वय से एक रणनीति के तहत नशे के इन सौदागरों के जाल को काटने की जरूरत है। एस.पी. राहुल नाथ कहते हैं कि पुलिस की पैनी नजरें लगातार ऐसे तत्वों पर हैं। घुमारवीं के अलावा अन्य जगहों पर भी पुलिस लगातार निगाहें गड़ाए हुए है। नशे के धंधे में लगे हुए लोगों को पुलिस निश्चित तौर पर सलाखों के पीछे पहुंचाकर ही दम लेगी। इसके लिए आने वाले दिनों में भी पुलिस कई महत्वपूर्ण कदम उठाएगी। 

क्या कहते हैं कुल्लू के एस.पी.
 कुल्लू के एस.पी. पदम सिंह से जब सैंज के खुलासे बारे बात की तो उन्होंने कहा कि कई बार लोग कुल्लू से चरस ले जाकर बाहर पकड़े भी जाते हैं। सभी को पुलिस नहीं पकड़ सकती है। सैंज से अगर चरस जा रही होगी तो जरूरी नहीं कि हमारी पकड़ में ऐसे लोग आ ही जाएं।

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!