कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर प्रशासन अलर्ट, स्वास्थ्य विभाग सख्त निर्देश किए जारी

Edited By Dishant Kumar, Updated: 01 Apr, 2021 09:16 PM

कोरोना के बढ़ते मामलो के कारण ऊना प्रशासन ने निजी अस्पताल और निजी डॉक्टर्स को कोविड लक्षण वाले व्यक्ति की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को देने के आदेश दिए हैं । इसके साथ ही कैमिस्ट को भी बिना डॉक्टर की पर्ची के बिना , विषेष रूप से खाँसी बुखार आदि...

कोरोना के बढ़ते मामलो के कारण ऊना प्रशासन ने निजी अस्पताल और निजी डॉक्टर्स को कोविड लक्षण वाले व्यक्ति की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को देने के आदेश दिए हैं । इसके साथ ही कैमिस्ट को भी बिना डॉक्टर की पर्ची के बिना , विषेष रूप से खाँसी बुखार आदि कोविड के लक्षणों लोगों को दवा नही देने के आदेश दिए गए हैं । प्रशासन ने पिछले दो सप्ताह के आकलन में पाया है कि इस अवधि के दौरान दुर्भाग्यवश कई मौतें हुई हैं , उनमें से बहुत से ऐसे मरीज हैं जो निजी अस्पतालों या निजी क्लिनिकों से अपना इलाज करवा रहे थे और इनके अन्दर कोविड 19 के लक्ष्ण मौजूद थे । लेकिन इन्होंने न तो अपना कोविड टैस्ट करवाया और न ही समय पर स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी । ऐसे में हालत गंभीर होने पर जब जाँच में ये लोग कोविड पॉजीटिव पाए गए , तो कई प्रयास के बावजूद उनको बचाया जाना संभव नहीं हो पा रहा था । इसी को देखते हुए प्रशासन ने अपने नए आदेश में कहा है कि एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, युनानी, सिद्धा या किसी भी प्रकार के डॉक्टर्स , वैध हकीम अथवा निजी अस्पताल में इलाज के लिए कोविड 19 लक्ष्णों जैसे खांसी, बुखार, गले में दर्द, सांस लेने में परेशानी वाले व्यक्तियों की सूचना तुरन्त स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन को को दें । यही नहीं ऐसे मरीजों को बिना देरी के किसी भी नजदीकी अस्पताल में कोविड 19 टैस्ट के लिए रैफर करें ताकि जल्दी पता लग सके और उनका हर सम्भव इलाज शुरू हो सके । इन आदेशों में कहा गया है कि किसी कैमिस्ट से भी लक्ष्ण प्रभावित व्यक्ति दवाई लेता है उसे बिना चिकित्सा पर्ची के दवाई न दी जाए ।

कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर ऊना प्रशासन हालात का रोजाना आकलन कर रहा है और ज़रूरत के अनुसार कड़े निर्णय भी ले रहा । लेकिन ऊना ज़िला न केवल कई ज़िलों के लिए हिमाचल का प्रवेश द्वार है और पंजाब सीमा से सटा हुआ भी है । इसी स्थान से अन्य राज्यों से हज़ारों की संख्या में लोग हिमाचल आते हैं , इसीलिए ऊना प्रशासन के लिए प्रदेश के कुछ अन्य जिलों के मुकाबले चुनौती भी बड़ी है ।

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