Edited By Jyoti M, Updated: 09 Mar, 2026 04:50 PM

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से पकड़ कर लाए गए नशा तस्करी के एक आरोपी ने पुलिसिया सुरक्षा को धता बताते हुए भागने की कोशिश की। हालांकि, उसकी यह 'आजादी' कुछ ही घंटों की मेहमान रही और नाहन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दोबारा सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
सिरमौर (नाहन): उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से पकड़ कर लाए गए नशा तस्करी के एक आरोपी ने पुलिसिया सुरक्षा को धता बताते हुए भागने की कोशिश की। हालांकि, उसकी यह 'आजादी' कुछ ही घंटों की मेहमान रही और नाहन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दोबारा सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
फिल्मी स्टाइल में दिया धक्का, फिर हुआ रफूचक्कर
वाकया तब पेश आया जब एनडीपीएस (NDPS)मामले के आरोपी अब्दुल माजिद को कोर्ट में पेशी के बाद वापस कच्चा टैंक पुलिस चौकी ले जाया जा रहा था। जैसे ही पुलिस टीम उसे लेकर पहुंची, 24 वर्षीय माजिद ने पास मौजूद कांस्टेबल को जोर से धक्का दिया और पलक झपकते ही वहां से फरार हो गया। इस घटना ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फुला दिए और देखते ही देखते पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
अंधेरे का इंतजार कर रहा था आरोपी
आरोपी के भागते ही जिला पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार शहर के चारों तरफ नाकेबंदी कर दी गई और विशेष टीमों ने चप्पा-चप्पा छानना शुरू किया। पुलिस को सफलता तब मिली जब आरोपी को बस स्टैंड के पास एक गुप्त ठिकाने से धर दबोचा गया। माना जा रहा है कि वह बस स्टैंड के पास छिपकर रात होने का इंतजार कर रहा था, ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर जिले की सीमा लांघ सके।
लापरवाही पर गिरी गाज
इस पूरे घटनाक्रम में सुरक्षा व्यवस्था में चूक को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने कड़ा रुख अपनाया है। ड्यूटी के दौरान ढिलाई बरतने वाले संबंधित पुलिस कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि हिरासत से आरोपी का भागना एक बड़ी लापरवाही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डेढ़ साल से चल रहा था लुका-छिपी का खेल
आरोपी के खिलाफ 15 जुलाई 2024 को सदर थाना नाहन में नशा तस्करी का केस दर्ज हुआ था। पिछले करीब डेढ़ साल से अब्दुल माजिद पुलिस को चकमा दे रहा था।
नाहन पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद 5 मार्च 2026 को उसे यूपी के मुजफ्फरनगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे 10 मार्च 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा था।
अब बढ़ गई मुश्किलें: एक और केस दर्ज
हिरासत से भागने की इस कोशिश ने आरोपी की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। नशा तस्करी के पुराने मामले के साथ-साथ अब उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 262 के तहत पुलिस हिरासत से भागने का नया मुकदमा दर्ज किया गया है।