Edited By Jyoti M, Updated: 02 Jan, 2026 10:44 AM

हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में बसा बीड़-बिलिंग एक बार फिर मानवीय उड़ानों से गुलजार हो उठा है। हालिया हादसों के बाद पसरा सन्नाटा अब खत्म हो गया है और नए साल के आगमन ने इस विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट को नई ऊर्जा से भर दिया है।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में बसा बीड़-बिलिंग एक बार फिर मानवीय उड़ानों से गुलजार हो उठा है। हालिया हादसों के बाद पसरा सन्नाटा अब खत्म हो गया है और नए साल के आगमन ने इस विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट को नई ऊर्जा से भर दिया है।
आस्था और सुरक्षा का संगम
बीड़-बिलिंग में उड़ानों का सिलसिला थमा हुआ था, जिसे फिर से शुरू करने के लिए स्थानीय पायलटों ने परंपरा और सुरक्षा दोनों को प्राथमिकता दी। वीरवार को उड़ानें शुरू करने से पहले टेक-ऑफ पॉइंट पर विशेष पूजा का आयोजन किया गया। सभी पायलटों ने मां सत्यवादनी के चरणों में माथा टेककर सुरक्षित भविष्य की कामना की।
प्रशासन अब सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सख्त है। एसडीएम संकल्प गौतम के अनुसार, अब किसी भी पायलट को बिना कागजी कार्रवाई और उपकरणों की बारीकी से जांच किए बिना हवा में जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
पर्यटकों का सैलाब और पैक हुए होटल
साल 2026 (नववर्ष) की शुरुआत बीड़ के लिए बेहद उत्साहजनक रही। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
उड़ानें: पहले ही दिन 300 से ज्यादा टेंडम फ्लाइट्स ने आसमान की सैर की।
ऑक्यूपेंसी: क्षेत्र के होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे 80% तक बुक रहे।
भीड़ का आलम: पर्यटकों की भारी आमद के कारण लैंडिंग साइट तक वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
बर्फबारी से और बढ़ेगी रौनक
बीड़ होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश अबरोल ने इस बदलाव का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय बाद घाटी में ऐसी रौनक लौटी है। आने वाले दिनों में यदि बिलिंग और राजगुंधा की पहाड़ियों पर बर्फ गिरती है, तो पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है।
साफ है कि सुरक्षा और श्रद्धा के इस मेल ने बीड़-बिलिंग के पर्यटन को एक नई दिशा दी है, जिससे स्थानीय कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।