Edited By kirti, Updated: 08 Jun, 2018 04:46 PM

5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया तथा इस दिन स्कूल के बच्चों व पंचायती संस्थाओं ने लोगों को रैलियां व विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया लेकिन शायद नगर पंचायत नादौन के लोगों के कानों तक यह संदेश नहीं पहुंचा तथा...
नादौन : 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया तथा इस दिन स्कूल के बच्चों व पंचायती संस्थाओं ने लोगों को रैलियां व विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया लेकिन शायद नगर पंचायत नादौन के लोगों के कानों तक यह संदेश नहीं पहुंचा तथा लोग पर्यावरण को प्रदूषित करने की कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। नादौन के रामलीला मैदान में एस.डी.एम. कार्यालय के बाहर पीपल के पेड़ के नीचे गंदगी को देखकर तो यही लगता है कि यहां के पढ़े-लिखे लोगों को पर्यावरण की महत्ता को समझाने के लिए किसी देवदूत का इंतजार है। पीपल का पेड़ आस्था का प्रतीक है और मान्यता है कि इसकी उपासना भगवान ब्रह्मा की उपासना है।
इन 2 बड़े कार्यालयों से ही विभिन्न योजनाओं को लागू किया
लोग अपने कष्टों को दूर करने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा करते हैं परंतु यहां पर कहानी उलटी है। पावन वृक्ष के नीचे गंदगी के ढेर आस्था को ठेस पहुंचा रहे हैं। हैरत की बात है कि यहां से लगभग 20-30 मीटर पर ही एस.डी.एम. कार्यालय और बी.डी.ओ. ऑफिस है। उपमंडल के इन 2 बड़े कार्यालयों से ही विभिन्न योजनाओं को लागू किया जाता है। इन 2 बड़े कार्यालयों के बाहर पसरी गंदगी अधिकारियों की स्वच्छता के प्रति गंभीरता की भी पोल खोल रही है। स्थानीय बुद्धिजीवी लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पीपल के पेड़ के इर्द-गिर्द की उचित सफाई की जाए तथा यहां पर कूड़ा फैंकने वालों को दंडित किया जाए।