Edited By Swati Sharma, Updated: 04 Jan, 2026 12:59 PM

Fake UPSC Result: बिहार का एक युवक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के फर्जी परिणाम सूची के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के प्रशिक्षण के लिए शनिवार को उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) पहुंच गया, जहां उसे...
Fake UPSC Result: बिहार का एक युवक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के फर्जी परिणाम सूची के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के प्रशिक्षण के लिए शनिवार को उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) पहुंच गया, जहां उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। पुलिस ने यह जानकारी दी।
धोखाधड़ी का शिकार हुआ युवक
पुलिस ने बताया कि अकादमी प्रशासन से सूचना मिली थी कि पुष्पेश सिंह नामक युवक यूपीएससी की फर्जी परिणाम सूची के आधार पर प्रशिक्षण के लिए अकादमी पहुंचा है। सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अकादमी पहुंची और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) तथा खुफिया ब्यूरो (IB) की टीमों को भी तत्काल मौके पर बुलाया गया। उसने बताया कि टीम द्वारा सिंह से गहन पूछताछ और उसके दस्तावेजों की जांच के दौरान प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि वह धोखाधड़ी का शिकार हुआ है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि उससे कथित रूप से धोखाधड़ी करने वाले लोगों ने उसे फर्जी परिणाम भेजकर भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित होने की सूचना दी थी, जिसके आधार पर वह अपने माता-पिता और सामान के साथ अकादमी में प्रशिक्षण के लिए पहुंच गया। पुलिस के अनुसार इसके बाद सिंह को विस्तृत पूछताछ के लिए कोतवाली मसूरी लाया गया जिसमें पता चला कि बिहार के सारण जिले का निवासी युवक उच्च शिक्षा प्राप्त है और वर्तमान में हरियाणा के गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में कार्यरत है।
क्या बोला पुष्पेश सिंह?
पुष्पेश सिंह ने पुलिस को बताया कि गुरुग्राम में वह कुछ लोगों के संपर्क में आया था, जिन्होंने यूपीएससी की कथित लिखित परीक्षा दिलवाने और बाद में साक्षात्कार कराने के नाम पर उससे दो किस्तों में 13,000 रुपए और 14,564 रुपए डिजिटल माध्यम से लिए थे। इसके बाद उसे व्हॉट्सऐप पर फर्जी परिणाम सूची भेजकर चयन होने और मसूरी अकादमी में प्रशिक्षण के लिए उपस्थित होने का संदेश भेजा गया। पुलिस ने बताया कि धोखाधड़ी का शिकार हुए युवक ने कोतवाली मसूरी में तहरीर दी, जिसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत शून्य प्राथमिकी दर्ज की गई और मामले को अग्रिम कार्रवाई के लिए गुरुग्राम भेज दिया गया।