Edited By Vijay, Updated: 04 Jun, 2026 06:18 PM

सोलन जिले के नागरिक अस्पताल अर्की में पथरी के ऑप्रेशन के दौरान हुई 41 वर्षीय महिला सीमा शर्मा की मौत का मामला अब गरमा गया है। न्याय की आस में पीड़ित परिवार ने लोकभवन का दरवाजा खटखटाया है।
शिमला (संतोष): सोलन जिले के नागरिक अस्पताल अर्की में पथरी के ऑप्रेशन के दौरान हुई 41 वर्षीय महिला सीमा शर्मा की मौत का मामला अब गरमा गया है। न्याय की आस में पीड़ित परिवार ने लोकभवन का दरवाजा खटखटाया है। मृतका के पति हंसराज शर्मा और अन्य परिजनों ने राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच करवाने की गुहार लगाई है। राज्यपाल को आपबीती सुनाते वक्त परिजनों की आंखें नम थीं। राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित पति ने बताया कि उनकी पत्नी सीमा शर्मा एक साधारण ग्रामीण महिला थी, जो रोजमर्रा के घरेलू और खेतों के काम खुद करती थी। उसे केवल 12 एमएम की पथरी की शिकायत थी। डॉक्टरों की सलाह पर वे उसे अस्पताल ले गए थे, यह सोचकर कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है और कुछ दिनों में वह ठीक होकर घर लौट आएगी, लेकिन ऑप्रेशन थिएटर के भीतर ऐसा क्या हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी आज तक परिवार को नहीं दी गई।
परिजनों ने उठाए ये 4 गंभीर सवाल
- ऑप्रेशन के बाद अचानक सीमा शर्मा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 108 एम्बुलैंस से आईजीएमसी शिमला रैफर कर दिया गया। आईजीएमसी पहुंचने पर डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का सवाल है कि ऑप्रेशन के दौरान ऐसी क्या चूक हुई, जिससे जान चली गई?
- रैफर करते समय परिवार को न तो कोई विस्तृत मेडिकल रिकॉर्ड दिया गया और न ही स्थिति की गंभीरता के बारे में सही जानकारी दी गई।
- परिजनों का आरोप है कि अंतिम संस्कार के दौरान मृतका की पीठ पर नीले निशान दिखाई दिए, जिससे चिकित्सकीय लापरवाही का संदेह और गहरा गया है।
- परिजनों ने कहा कि मौत के बाद उनसे गहरे सदमे की स्थिति में पोस्टमार्टम न करवाने का लिखित बयान ले लिया गया, जबकि वे उस समय कुछ भी समझने की स्थिति में नहीं थे।
स्वतंत्र टीम करे मामले की जांच
पीड़ित परिवार ने राज्यपाल से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित होने वाली टीम में अर्की या सोलन के स्थानीय डॉक्टरों को शामिल न किया जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो। उन्होंने बाहरी व स्वतंत्र विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम से जांच करवाने की मांग की है, साथ ही इलाज और रैफरल से जुड़े तमाम दस्तावेजों को तुरंत सुरक्षित करने का आग्रह किया है।
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