Edited By Vijay, Updated: 30 Jul, 2026 05:41 PM

कांगड़ा जिले के नूरपुर में बीते 25 जुलाई को 2 महिलाओं के साथ हुई मारपीट का एक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस घटना को सांप्रदायिक रंग देकर भ्रामक दावे किए जा रहे हैं।
कांगड़ा (राहुल राणा): कांगड़ा जिले के नूरपुर में बीते 25 जुलाई को 2 महिलाओं के साथ हुई मारपीट का एक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस घटना को सांप्रदायिक रंग देकर भ्रामक दावे किए जा रहे हैं। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नूरपुर ने एक प्रैस विज्ञप्ति जारी कर इन अफवाहों का सख्ती से खंडन किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे सांप्रदायिक दावे पूरी तरह से झूठे और भ्रामक हैं। यह घटना विशुद्ध रूप से कानून व्यवस्था से जुड़ी है, जिसमें कथित तौर पर चेन स्नेचिंग (चोरी) की गई और उसके बाद भीड़ ने महिलाओं के साथ मारपीट की। इसका किसी भी धर्म या समुदाय से कोई लेना-देना नहीं है।
भीड़ द्वारा पीटे जाने पर दर्ज किया केस
पुलिस ने मारपीट की घटना को गंभीरता से लिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। मारपीट करने वालों के खिलाफ पुलिस थाना नूरपुर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं तहत केस दर्ज किया गया है।
आरोपी महिलाओं का है पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिखाई दे रही दोनों महिलाओं का पुराना आपराधिक इतिहास है। इन पर पंजाब में एनडीपीएस एक्ट, चोरी और स्नेचिंग के तहत कई मामले पहले से दर्ज हैं। इस ताजा मामले में पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ चेन स्नेचिंग के आरोप में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत पुलिस थाना नूरपुर में मामला दर्ज किया है।
झूठी व भड़काऊ खबरें फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
नूरपुर पुलिस दोनों मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए अफवाहें शेयर न करें। झूठी और भड़काऊ खबरें फैलाकर सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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