मैडीकल कॉलेज में क्रियाशील हुआ राज्य का पहला स्मार्ट कार्ड केंद्र

Edited By Punjab Kesari, Updated: 20 Feb, 2018 01:25 PM

smart card center in medical college nahan

जिला सिरमौर में डा. वाई.एस. परमार मैडीकल कॉलेज में हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सल हैल्थ प्रोटैक्शन स्कीम के तहत स्मार्ट कार्ड बनाने का पहला केंद्र क्रियाशील हो चुका है, जहां इस योजना के तहत सिरमौर जिला का कोई भी व्यक्ति अपने परिवार का स्मार्ट कार्ड बना...

नाहन(सतीश): जिला सिरमौर में डा. वाई.एस. परमार मैडीकल कॉलेज में हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सल हैल्थ प्रोटैक्शन स्कीम के तहत स्मार्ट कार्ड बनाने का पहला केंद्र क्रियाशील हो चुका है, जहां इस योजना के तहत सिरमौर जिला का कोई भी व्यक्ति अपने परिवार का स्मार्ट कार्ड बना सकता है जिसके लिए कोई भी आय सीमा नहीं है। यह जानकारी देते हुए वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. के.के. पराशर ने बताया कि इस योजना के तहत स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए 395 रुपए देय होंगे, जिसमें 365 रुपए बीमा शुल्क, 14 रुपए पंजीकरण शुल्क तथा 16 रुपए अन्य शुल्क सम्मिलित है। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के अंतर्गत एक परिवार के 5 सदस्यों का स्मार्ट कार्ड बनाया जाएगा जिसके लिए आधार कार्ड होना आवश्यक है तथा जिस दिन स्मार्ट कार्ड बनाना हो, उस दिन परिवार के पांचों सदस्य केन्द्र में आधार कार्ड के साथ उपलब्ध होने चाहिए।
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इलाज के लिए 1 लाख 75 हजार रुपए 
उन्होंने बताया कि यह स्मार्ट कार्ड एक वर्ष के लिए मान्य होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत परिवार के किसी भी आयु के सदस्य को चिन्हित अस्पताल में भर्ती होने पर 30,000 रुपए तक के नि:शुल्क इलाज की सुविधा होगी जबकि गंभीर बीमारियों जैसे हृदय रोग संबंधी सर्जरी, पेशाब के रास्ते से संबंधित सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, कैंसर संबंधी थैरेपी, किसी भी प्रकार की चोट, ट्रांसप्लांट सर्जरी, रीढ़ की हड्डी की सर्जरी, पेट रोग से संबंधी सर्जरी तथा कैंसर रोगी खून संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए 1 लाख 75 हजार रुपए जबकि परिवार के सभी कैंसर रोगियों के इलाज पर 2 लाख 25 हजार रुपए की सुविधा प्रदान की जाएगी।

बीमारी में 3,000 रुपए प्रतिवर्ष तक परिवहन खर्च देय होगा
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत आयुर्वेद पद्धति द्वारा इलाज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान जांच, दवाइयों तथा भोजन व्यवस्था पर भी व्यय किया जाएगा जबकि अस्पताल में बिना दाखिल हुए आप्रेशन संबंधी सेवा केवल दिनभर के लिए शामिल है। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के अंतर्गत सामान्य रोगी को 1,000 रुपए प्रतिवर्ष की सीमा तक परिवहन खर्च (प्रति दौरा 100 रुपए) देय होगा जबकि गंभीर बीमारी में 3,000 रुपए प्रतिवर्ष की सीमा तक परिवहन खर्च (प्रति दौरा 1000 रुपए) देय होगा। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक ने इंतजार अली कच्चा टैंक नाहन तथा अतर सिंह नौणी का बाग नाहन को इस योजना के अंतर्गत बनाए गए स्मार्ट कार्ड भी वितरित किए।

इन अस्पतालों में करवा सकते हैं इलाज 
पराशर ने बताया कि इस योजना के तहत स्मार्ट कार्ड धारक परिवार का सामान्य रूप से मरीज सदस्य डा. वाई.एस. परमार मैडीकल कालेज नाहन, सिविल अस्पताल राजगढ़, पांवटा साहिब, सराहां, रैफरल अस्पताल ददाहू, सी.एच.सी. शिलाई, संगड़ाह, नौहराधार, जिला आयुर्वैदिक अस्पताल नाहन तथा पुरन अस्पताल पांवटा साहिब में इलाज करवा सकता है जबकि गंभीर बीमारियों के लिए आई.जी.एम.सी. शिमला, आर.पी.एम.टी.सी. टांडा, श्री बालाजी अस्पताल कांगड़ा, फोॢटस अस्पताल कांगड़ा तथा पी.जी.आई. चंडीगढ़ में इस स्कीम के तहत रोगी इलाज करवा सकता है।
 

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