Edited By Swati Sharma, Updated: 22 May, 2026 06:03 PM

Sirmour News : जिला सिरमौर की एक निजी यूनिवर्सिटी में छात्राओं द्वारा प्रयोग किये जाने वाले युनिवर्सिटी के अकादमिक ब्लांक के शौचालय के वेंटिलेटर के माध्यम से कथित तौर पर वीडियो बनाने के प्रयास का मामला सामने आया है घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन...
Sirmour News : जिला सिरमौर की एक निजी यूनिवर्सिटी में छात्राओं द्वारा प्रयोग किये जाने वाले युनिवर्सिटी के अकादमिक ब्लांक के शौचालय के वेंटिलेटर के माध्यम से कथित तौर पर वीडियो बनाने के प्रयास का मामला सामने आया है घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन और पुलिस प्रशासन भी तुरंत हरकत में आ गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक सफाई कर्मचारी पर आरोप है कि वह छात्राओं द्वारा प्रयोग किए जाने वाले अकादमिक ब्लांक के शौचालय के वेंटिलेटर के माध्यम से वीडियो बनाने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान बाहर एक छात्रा को उसकी गतिविधियों को देख लिया छात्रा ने तुरंत अन्य छात्राओं और अध्यापकों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद मौके पर ही आरोपी सफाई कर्मचारी को पकड़ लिया गया।
आरोपी का मोबाइल फोन जब्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तुरंत पुलिस थाना पच्छाद को सूचना दी। सूचना मिलते ही उप पुलिस अधीक्षक राजगढ़ वी.सी. नेगी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। उप पुलिस अधीक्षक वी.सी. नेगी ने बताया कि जिस सफाई कर्मचारी पर वीडियो बनाने का आरोप लगा है, उसे हिरासत में ले लिया गया है। आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है और उसकी गहन जांच की जा रही है।अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि वीडियो वास्तव में बनाई गई थी या नहीं, यदि बनाई गई तो वह मोबाइल में मौजूद है या डिलीट कर दी गई है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कहीं वीडियो किसी अन्य व्यक्ति को फॉरवर्ड तो नहीं की गई। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी वीडियो किस तरीके और किस स्थान से बनाने का प्रयास कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार मामले की पूरी सच्चाई डिजिटल जांच और तकनीकी विश्लेषण के बाद ही सामने आ पाएगी।
'संस्थान छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध'
छात्राओं ने हॉस्टल सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई है। इधर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने भी इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए अपना आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जो घटना सामने आई है वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि आरोपी सफाई कर्मचारी को तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया गया है और जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने बयान में कहा कि कैंपस काफी बड़ा होने के कारण हर व्यक्ति और कर्मचारी की हर समय निगरानी कर पाना चुनौतीपूर्ण होता है, इसके बावजूद संस्थान छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े और आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच और मोबाइल की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें