Edited By Vijay, Updated: 18 Aug, 2026 12:10 PM

जिला सिरमौर के धौलाकुआं क्षेत्र में जमीन का विवाद सुलझाने और उसकी निशानदेही करवाने के नाम पर 10 लाख रुपए की कथित ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस प्रकरण में माजरा पुलिस ने एक राजस्व अधिकारी (कानूनगो) सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला...
Sirmaur News: जिला सिरमौर के धौलाकुआं क्षेत्र में जमीन का विवाद सुलझाने और उसकी निशानदेही करवाने के नाम पर 10 लाख रुपए की कथित ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस प्रकरण में माजरा पुलिस ने एक राजस्व अधिकारी (कानूनगो) सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने भी चारों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे उनकी गिरफ्तारी जल्द हो सकती है।
निशानदेही के एवज में मांगी गई थी मोटी रकम
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार पीड़ित रफीक मोहम्मद ने धौलाकुआं में 11 बीघा जमीन खरीदी थी। जब उसने राजस्व विभाग में जमीन की निशानदेही के लिए आवेदन किया तो संबंधित कानूनगो परमजीत सिंह ने उसे बताया कि उक्त जमीन पर पहले से ही कोर्ट केस चल रहा है। आरोप है कि कानूनगो ने कोर्ट केस को रफा-दफा करवाने और निशानदेही का काम पूरा करने की एवज में पीड़ित से 10 लाख रुपए की मांग की।
ये भी पढ़ें:-सीनियर सिटीजन क्रैडिट कार्ड के नाम पर बड़ी ठगी, शातिरों ने खाते से उड़ाए ₹15.90 लाख
2 किश्तों में दिए गए 10 लाख रुपए, वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद
शिकायतकर्ता के मुताबिक 25 जनवरी को कानूनगो परमजीत सिंह ने उसे मिलने के लिए बुलाया। 26 जनवरी को रफीक अपने चालक के साथ कानूनगो के घर पहुंचा। वहां कानूनगो के अलावा कुलदीप, रविंद्र और धीरज नामक तीन अन्य व्यक्ति भी मौजूद थे। आपसी बातचीत के बाद आरोपियों को 1.50 लाख रुपए नकद दिए गए। इसके बाद 28 जनवरी को तय रकम के शेष 8.50 लाख रुपए अन्य आरोपियों को सौंप दिए गए। पीड़ित का आरोप है कि 10 लाख रुपए वसूलने के बावजूद न तो जमीन की निशानदेही की गई और न ही कोई विवाद सुलझाया गया। जब उसने काम न होने पर अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ित ने पुलिस को बताया है कि उसके पास इस पूरे लेन-देन और घटनाक्रम की पुख्ता वीडियो रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के तौर पर मौजूद है।
एफआईआर दर्ज कर गहन तफ्तीश में जुटी पुलिस
इस मामले में माजरा पुलिस थाने में कानूनगो परमजीत सिंह, कुलदीप, रविंद्र और धीरज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिताकी धारा 318(4) और 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस इस प्रकरण की गहन तफ्तीश कर रही है। पुलिस द्वारा लेन-देन के दावों, वीडियो साक्ष्यों, आरोपियों की आपसी मिलीभगत और जमीन से जुड़े कोर्ट केस के वास्तविक तथ्यों की बारीकी से जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें