"अगर अगस्त की सैलरी जारी नहीं की गई, तो रोक देंगे सर्विस", पर्यटन निगम के कर्मचारियों की चेतावनी

Edited By Swati Sharma, Updated: 25 Sep, 2026 11:39 AM

shimla  warning from tourism corporation employees

भारतीय मजदूर संघ (BMS) के समर्थन से हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के कर्मचारियों ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अगर उनकी अगस्त की सैलरी तुरंत जारी नहीं की गई, तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे और सर्विस रोक देंगे।

Shimla News : भारतीय मजदूर संघ (BMS) के समर्थन से हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के कर्मचारियों ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अगर उनकी अगस्त की सैलरी तुरंत जारी नहीं की गई, तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे और सर्विस रोक देंगे। कर्मचारियों ने कहा कि वे एक महीने और 24 दिनों से अपनी सैलरी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार और एचपीटीडीसी मैनेजमेंट इस मुद्दे को हल नहीं करते हैं, तो वे अगले हफ्ते भारत के राष्ट्रपति के हिमाचल प्रदेश दौरे के दौरान वीआईपी और हॉस्पिटैलिटी सर्विस भी रोक सकते हैं।

भारतीय मजदूर संघ हिमाचल प्रदेश के प्रेसिडेंट मदन लाल ने शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि एचपीटीडीसी कर्मचारियों की अगस्त 2026 की सैलरी अभी तक जारी नहीं की गई है और उन्होंने इसके तुरंत भुगतान की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम के होटल और अन्य मुनाफ़ा कमाने वाली यूनिट्स से रेवेन्यू आ रहा है, लेकिन कर्मचारियों को उनकी सैलरी नहीं दी जा रही है। लाल ने चेतावनी दी कि अगर यह मुद्दा हल नहीं हुआ तो बीएमएस बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। लाल ने कहा, "एक महीने और 24 दिन बीत जाने के बाद भी अगस्त की सैलरी जारी नहीं की गई है। जो कर्मचारी हॉस्पिटैलिटी और सर्विस देने के लिए दिन-रात काम करते हैं, उन्हें अपनी बेसिक सैलरी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुनाफ़ा कमाने वाले HPTDC होटलों को प्राइवेट पार्टियों को सौंपने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि संगठन को हो रहे नुकसान के लिए निगम के कर्मचारी कभी ज़िम्मेदार नहीं रहे हैं।

लाल ने कहा कि बीएमएस इस मुद्दे को पूरे राज्य में ले जाएगा और चेतावनी दी कि अगर सैलरी से जुड़ी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो कर्मचारी मंत्रियों, अधिकारियों या अन्य VIP के एचपीटीडीसी होटलों में आने का विरोध करेंगे। बीएमएस हिमाचल प्रदेश के उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि एचपीटीडीसी से जुड़े लगभग 1,000 रेगुलर कर्मचारियों और करीब 550 अन्य वर्करों को सैलरी मिलने में देरी के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शर्मा ने कहा, "एक महीना 24 दिन बीत चुके हैं। सैलरी कब मिलेगी, इस बारे में कोई साफ जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को परिवार का खर्च चलाना होता है, किराया देना होता है और दवाइयां खरीदनी होती हैं। परिवार के कई बुजुर्ग सदस्य भी इन्हीं सैलरी पर निर्भर होते हैं।" उन्होंने सवाल उठाया कि जब कॉर्पोरेशन का रेवेन्यू 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है, तो सैलरी में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल या मैनेजमेंट से जुड़ी समस्याओं के कारण कर्मचारियों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

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