Edited By Swati Sharma, Updated: 10 Aug, 2026 03:46 PM

सुजानपुर/हमीरपुर : एफआईआर के रास्ते हिमाचल में अब सियासत सड़क पर आ गई है। भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा पर एफआईआर दर्ज होते ही सुजानपुर में जनाक्रोश फूट पड़ा है। सोमवार को भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन...
सुजानपुर/हमीरपुर : एफआईआर के रास्ते हिमाचल में अब सियासत सड़क पर आ गई है। भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा पर एफआईआर दर्ज होते ही सुजानपुर में जनाक्रोश फूट पड़ा है। सोमवार को भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और राज्यपाल से लेकर पुलिस अधीक्षक तक शिकायतों का पिटारा खोल दिया। भाजपा मंडल सुजानपुर और बमसन के कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन करते हुए एस.डी.एम. के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
'कांग्रेस गाली दे तो एफआईआर नहीं होती'
भाजपा मंडलों ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार विरोधी की बजाय राजनीतिक दुश्मन समझकर काम कर रही है और धड़ाधड़ पूरे प्रदेश में झूठी एफआईआर दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में डबल स्टैंडर्ड नहीं चलेगा। कांग्रेस गाली दे तो एफआईआर नहीं होती। भाजपा अगर सरकार की नाकामियां और 10 गारंटियां याद दिलाए तो पलक झपकते एफआईआर दर्ज हो जाती है। एक राज्य में 2 संविधान और कानून नहीं चल सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के इशारे पर स्थानीय विधायक रणजीत सिंह राणा व कांग्रेस पदाधिकारियों ने राजेंद्र राणा द्वार सरकार की नाकामियों को उजागर करने पर शिकायत दी थी और पुलिस ने तुरंत एफआईर दर्ज कर ली गई लेकिन 14 जुलाई को हमीरपुर में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई और अशोभनीय शब्द लिखे, उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि इसका मतलब साफ है कि सत्ता की चाटुकारिता करने वालों को माफी और सवाल पूछने वालों को जेल। लगता है 1975 का आपातकाल लौट आया है। विपक्ष जनता की आवाज बुलंद करता है, लेकिन सरकार उसे अलोकतांत्रिक और गैर कानूनी ठहराने लगी है। भाजपा मंडल पदाधिकारीयों ने कहा कि सुखु सरकार विपक्ष के लोगों को राजनीतिक विरोधी मानने की बजाय दुश्मन मान रही है।
राज्यपाल से इन मांगों पर मांगी कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान भाजपा पदाधिकारियों ने राज्यपाल से मांग उठाई कि वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र राणा पर दर्ज एफआईआर रद्द की जाए तथा राजनीतिक द्वेष में कानून का दुरुपयोग बंद किया जाए। प्रदेश सरकार सवालों का जवाब एफआईआर की बजाय लोकतांत्रिक तरीके से दे। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाए और विपक्ष के खिलाफ एफआईआर की प्रवृत्ति की जांच की जाए। संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम राणा और जसवंत सिंह, सुरेश ठाकुर व सुरेश चौहान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।

48 घंटे का अल्टीमेटम
इसी बीच भाजपा ने सुजानपुर थाना प्रभारी के माध्यम से पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में मांग की कि 14 जुलाई को गांधी चौक हमीरपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अशोभनीय और गाली लिखने वाले कांग्रेस नेताओं पर बी.एन.एस. के तहत एफआईआर दर्ज की जाए, अन्यथा 48 घंटे बाद पुलिस थाना का घेराव किया जाएगा।
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