Himachal: कालाअंब में 6.55 करोड़ का फर्जी इनपुट टैक्स क्रैडिट घोटाला बेनकाब, फार्मा कंपनी का MD गिरफ्तार

Edited By Vijay, Updated: 11 Sep, 2026 11:22 PM

pharma company md arrested in fake input tax credit scam

केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्तालय शिमला की प्रिवैंटिव विंग ने टैक्स चोरों और बोगस बिलिंग करने वालों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों के घोटाले का पर्दाफाश किया है।

शिमला (ब्यूरो): केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्तालय शिमला की प्रिवैंटिव विंग ने टैक्स चोरों और बोगस बिलिंग करने वालों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों के घोटाले का पर्दाफाश किया है। सिरमौर जिला के कालाअंब क्षेत्र में फर्जी और गैर-मौजूद फर्मों के इनवॉइस के जरिए 6.55 करोड़ के अपात्र इनपुट टैक्स क्रैडिट का लाभ लेने के आरोप में मैसर्ज समय फार्मा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गौरव जैन को गिरफ्तार किया गया है।

जांच में सामने आया है कि कागजों पर करोड़ों की खरीद-फरोख्त दिखाई गई, लेकिन वास्तव में माल की कोई आवाजाही नहीं हुई। ई-वे बिल और टोल प्लाजा के डाटा में भी किसी प्रकार की माल ढुलाई की पुष्टि नहीं हुई। लगभग 5.55 करोड़ का आईटीसी 10 गैर-मौजूद फर्मों से जुड़ा पाया गया। इसके अलावा मैसर्ज डुअल हैल्थकेयर नामक एक डमी कंपनी का संचालन भी कथित रूप से गौरव जैन द्वारा इसी फर्जीवाड़े के लिए किया जा रहा था। इस बोगस बिलिंग और फर्जी आईटीसी का मुख्य उद्देश्य जीएसटी रिफंड दावों के माध्यम से सरकार से नकद रिफंड हासिल करना था।

व्हाट्सएप चैट, डिजिटल साक्ष्यों, विभिन्न व्यक्तियों के बयानों और बैंक लेनदेन के विश्लेषण के बाद इस सुनियोजित नैटवर्क की परतें खुलीं। आरोपी गौरव जैन को सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69(1) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों, फर्मों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल अभी जारी है। सीजीएसटी आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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