कुल्लू में अब पैराग्लाइडिंग के लिए चुकानी पड़ेगी इतनी राशि, 6 साल बाद बढ़ीं दरें

Edited By Vijay, Updated: 28 Jun, 2022 07:39 PM

now this amount will have to be paid for paragliding in kullu

कुल्लू जिले के सभी भागों में पैराग्लाइडिंग सिंगल फ्लाइट के लिए अब 3200 की जगह 3500 रुपए अदा करने होंगे। यह फैसला एयरो स्पोर्ट्स एवं रिवर राफ्टिंग नियमन समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता डीसी आशुतोष गर्ग ने की।

कुल्लू (ब्यूरो): कुल्लू जिले के सभी भागों में पैराग्लाइडिंग सिंगल फ्लाइट के लिए अब 3200 की जगह 3500 रुपए अदा करने होंगे। यह फैसला एयरो स्पोर्ट्स एवं रिवर राफ्टिंग नियमन समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता डीसी आशुतोष गर्ग ने की। गौरतलब है कि मौजूदा 3200 रुपए की दरें वर्ष 2016 में तय की गईं थीं और अब केवल 10 फीसदी से भी कम वृद्धि करके 300 रुपए बढ़ाने की संस्तुति की गई है। इसी प्रकार रिवर राफ्टिंग की दरों में स्ट्रैच की लंबाई को ध्यान में रखते हुए बढ़ौतरी की गई है। यह बढ़ौतरी बैठक में उपस्थित रिवर राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन्स के पदाधिकारियों की सहमति से की गई है।

सिंगल विंडो प्रणाली को एक सप्ताह में करना होगा लागू
डीसी ने कहा कि सैलानियों की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। इसके लिए नियमों के अनुसार ही साहसिक खेल गतिविधियां की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ओवर चार्जिंग की शिकायतें भी आई हैं। पर्यटकों से किसी प्रकार की धोखाधड़ी को भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि रिवर राफ्टिंग तथा पैराग्लाइडिंग के सभी स्थलों की अलग-अलग एसोसिएशन्स का गठन किया जाए और इनके संचालन के लिए सिंगल विंडो प्रणाली को सख्ती के साथ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सोलंग वैली की तर्ज पर पंजीकरण एक ही जगह पर हो और वहीं से राफ्ट एलॉट भी होगा। इसमें सभी संचालकों को बारी-बारी से मौका मिल सकेगा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी इस बात पर अपनी सहमति जताई। डीसी ने कहा कि मुख्य स्थलों पर साइन बोर्ड व होर्डिंग के माध्यम से रिवर राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग के स्थलों तथा दरों का पूर्ण ब्यौरा प्रदर्शित किया जाना चाहिए। डीसी ने इस सारी प्रक्रिया के लिए एक सप्ताह का समय राफ्ट संचालकों व पैराग्लाइडिंग संचालकों को दिया है। उसके उपरांत समिति इसे लागू करवाने के लिए सख्त कदम उठाएगी।

नियमों का उल्लंघन करने पर बंद होगा रूट
आशुतोष गर्ग ने कहा कि रिवर राफ्टिंग तथा पैराग्लाइडिंग के रूट पूर्व निर्धारित हैं और इनमें किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने पर रूट को बंद भी किया जा सकता है। यह सभी एसोसिएशन्स की जिम्मेदारी है कि वे इस प्रकार के तत्वों पर नजर रखें जो अवांछित गतिविधियां करते हैं। उन्होंने कहा कि सैलानियों के माध्यम से जिला व प्रदेश का अच्छा संदेश बाहर जाना चाहिए। इससे पर्यटन और भी मजबूत होता है।  

स्थलों पर हो शौचालय व चेंजिंग रूम की सुविधा
डीसी ने इन स्थलों पर शौचालय व चेंजिंग रूम की सुविधा का सृजन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वन विभाग इस सुविधा का सृजन करेगा और इसके लिये पर्यटन विभाग के माध्यम से एसोसियेशन द्वारा आंशिक धनराशि हर महीने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि बिना अनुमति के कोई भी व्यक्ति साहसिक गतिविधियों को नहीं करवा सकता। कोई ऐसा करता है तो सख्त कारवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमन समिति इन स्थलों के समय समय पर औचक निरीक्षण करेगी। उन्होंने संचालकों से कहा कि सुरक्षा उपकरण हर समय उपलब्ध होना जरूरी है। एक राफ्ट सुरक्षा की दृष्टि से दूसरे के साथ साथ चलाया जाना चाहिए। पैरा ग्लाइडिंग में संचार प्रणाली मजबूत होनी चाहिए।

ये रहे बैठक में मौजूद
बैठक की कार्यवाही का संचालन जिला पर्यटन एवं विकास अधिकारी ने किया। इस मौके पर अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के निदेशक एवं समिति के उपाध्यक्ष अरविंद नेगी, एसडीएम विकास शुक्ला, वन मंडलाधिकारी एश्वर्य चौहान, जिला अध्यक्ष साहसिक खेलें श्याम अत्री के अलावा रिवर राफ्टिंग, टूअर ऑप्रेटर्ज व पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन्स के पदाधिकारियों में सिकंदर ठाकुर, शिव चंद, ओम प्रकाश, नेगी, कपिल नेगी, रवि व जोगेन्द्र ठाकुर सहित अन्य हितधारक भी बैठक में उपस्थित रहे। 

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