Edited By Vijay, Updated: 11 Sep, 2026 05:37 PM

राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय हमीरपुर में शुक्रवार को एंटी रैगिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के सम्मेलन हॉल में प्रधानाचार्य चंद्रशेखर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कमेटी के सदस्यों, विभिन्न विभागाध्यक्षों,...
हमीरपुर (ब्यूरो): राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय हमीरपुर में शुक्रवार को एंटी रैगिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के सम्मेलन हॉल में प्रधानाचार्य चंद्रशेखर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कमेटी के सदस्यों, विभिन्न विभागाध्यक्षों, फैकल्टी मबर्स, छात्र प्रतिनिधियों, अभिभावकों के साथ-साथ हॉस्टल व पीजी संचालकों ने भाग लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संस्थान में नए विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और रैगिंग मुक्त माहौल सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य चंद्रशेखर ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है और इसे रोकने के लिए कड़े कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रैगिंग अब एक गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। यदि कोई भी विद्यार्थी इस कृत्य का दोषी पाया जाता है, तो उसे 3 साल तक का कारावास और 50 हजार रुपए का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा दोषी छात्र को संस्थान से स्थायी रूप से निष्कासित भी किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल कॉलेज या हॉस्टल परिसर ही नहीं, बल्कि पीजी और संस्थान के आसपास के क्षेत्रों में भी किसी विद्यार्थी को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना रैगिंग की ही श्रेणी में गिना जाएगा।
महाविद्यालय प्रशासन की ओर से उठाए गए सुरक्षा कदमों की जानकारी देते हुए प्रधानाचार्य ने बताया कि रैगिंग को रोकने के लिए परिसर में व्यापक प्रबंध किए गए हैं। संस्थान में एंटी रैगिंग कमेटी के अलावा विशेष एंटी रैगिंग दस्तों (स्क्वॉड) का भी गठन किया गया है, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। विद्यार्थियों की त्वरित सहायता के लिए संस्थान, हॉस्टल और आसपास के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर हैल्पलाइन नंबर प्रदर्शित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, इस वर्ष प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों को भी रैगिंग जैसी अवांछनीय गतिविधियों के खिलाफ पहले ही जागरूक किया जा चुका है।
बैठक के दौरान प्रधानाचार्य ने छात्र प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपनी कक्षाओं में जाकर अन्य विद्यार्थियों को रैगिंग रोधी कानूनों के प्रावधानों के प्रति जागरूक करें। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तुरंत एंटी रैगिंग कमेटी या दस्ते को सूचित किया जाए। इस बैठक में हमीरपुर पुलिस थाना के एएसआई प्रदीप कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने और कमेटी के अन्य सदस्यों ने उपस्थित लोगों को रैगिंग रोधी अधिनियम 2009 के कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। अंत में सभी से संस्थान और इसके आस-पास के पूरे परिसर को सामूहिक प्रयासों से रैगिंग मुक्त बनाने की अपील की गई।
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