Edited By Swati Sharma, Updated: 04 Sep, 2026 10:34 AM

नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की थोड़ा भलून पंचायत के क्यारी गांव में विकास के दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। गांव में सड़क के नाम पर आज भी एक कच्चा और बदहाल रास्ता है। हालात ऐसे हैं कि खराब रास्ते के कारण बाइक और गाड़ियां ग्रामीणों...
Nurpur (दुर्गेश कटोच) : नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की थोड़ा भलून पंचायत के क्यारी गांव में विकास के दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। गांव में सड़क के नाम पर आज भी एक कच्चा और बदहाल रास्ता है। हालात ऐसे हैं कि खराब रास्ते के कारण बाइक और गाड़ियां ग्रामीणों के घरों तक नहीं पहुंच पातीं। बरसात के दौरान इस रास्ते से गुजरना ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।

ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा खामियाजा गांव के बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब रास्ते के कारण बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है। वहीं, किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या आपात स्थिति पैदा होने पर एंबुलेंस अथवा वाहन को घर तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मरीज को कई बार चारपाई पर डालकर मुख्य सड़क तक ले जाने की नौबत आ जाती है।
चुनाव आते ही नेताओं को याद आता है क्यारी
ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता गांव में पहुंचते हैं, सड़क बनवाने के वादे करते हैं और चुनाव बीतते ही यह मुद्दा फिर फाइलों और आश्वासनों में दब जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणवीर सिंह निक्का भी चुनाव से पहले गांव में पहुंचे थे और रास्ता बनवाने का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के बाद जब उन्होंने विधायक के समक्ष रास्ते की समस्या उठाई तो विधायक ने कहा कि आप जेसीबी लगवा लो मै पैसे दे दूंगा। ग्रामीणों का कहना है कि जब वो जेसीबी वाले को रास्ता बनाने के लिए कहते है तो वो बोलता है पहले पैसे ले आओ। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सवाल किसी एक दिन के लिए जेसीबी लगाने का नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही सड़क की समस्या के स्थायी समाधान का है।

ग्रामीणों का सवाल- आखिर कब बनेगी सड़क?
क्यारी गांव के लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब दूसरे क्षेत्रों में सड़कें और अन्य सुविधाएं पहुंच रही हैं तो उनके गांव को मूलभूत सड़क सुविधा से कब तक वंचित रखा जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मीडिया के माध्यम से मौके पर पहुंचकर रास्ते की स्थिति का जायजा लेने तथा क्यारी गांव तक पक्की सड़क का निर्माण करवाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें चुनावी वादे नहीं, बल्कि जमीन पर सड़क चाहिए। अब देखने वाली बात यह है कि क्यारी गांव के ग्रामीणों की यह समस्या कब तक आश्वासनों के भरोसे रहती है और कब इस कच्चे रास्ते की जगह पक्की सड़क बनकर गांव तक पहुंचती है।
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