ढालपुर में काटे जा रहे खतरा बने पेड़, दशहरे के चलते प्रशासन ने लिया है निर्णय

Edited By kirti, Updated: 08 Oct, 2018 04:22 PM

in dhalpur going bite to risk made trees

अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव के मद्देनजर ढालपुर में खतरा बने देवदार, सफेदे और पापुलर सहित अन्य पेड़ों को काटने का क्रम जारी है। इन पेड़ों की वजह से राहगीरों व वाहनों को खतरा बना हुआ था। प्रशासन ने करीब 50 पेड़ चिन्हित किए थे। पिछले दिनों कई बार इन...

कुल्लू  : अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव के मद्देनजर ढालपुर में खतरा बने देवदार, सफेदे और पापुलर सहित अन्य पेड़ों को काटने का क्रम जारी है। इन पेड़ों की वजह से राहगीरों व वाहनों को खतरा बना हुआ था। प्रशासन ने करीब 50 पेड़ चिन्हित किए थे। पिछले दिनों कई बार इन पेड़ों की वजह से लोग चोटिल हुए। पेड़ से टहनी गिर जाने के कारण एक व्यक्ति को जान तक गंवानी पड़ी थी। हालांकि लोग भी खतरा बने पेड़ों को काटने की मांग कर रहे थे। इसलिए इन पेड़ों को गठित कमेटी द्वारा चिन्हित किया गया और अब पेड़ों को काटने का क्रम चल रहा है।

दशहरा उत्सव में ढालपुर मैदान में प्रतिदिन हजारों लोग जुटते हैं, ऐसे में इन पेड़ों की वजह से खतरा हो सकता था। इसलिए खतरा बने पेड़ों को काटने का निर्णय लिया गया। शहरवासियों विक्रांत शर्मा, चंदन, साहिल ठाकुर, रविंद्र ठाकुर, अंकित शर्मा, अनिल शर्मा, श्याम लाल, खुशहाल ठाकुर, भूषण शर्मा, जगदीश शर्मा व प्रकाश चंद सहित अन्य लोगों ने कहा कि खतरा बने पेड़ों को काटने की लंबे समय से हम मांग कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि ढालपुर मैदान में सफे दे व पापुलर के पेड़ नहीं लगाए जाने चाहिए। इन पेड़ों की लकड़ी कच्ची होती है और तेज हवा के कारण ये पेड़ टूटकर गिर जाते हैं। ढालपुर मैदान में देवदार की ज्यादा से ज्यादा प्लांटेशन होनी चाहिए। देवदार के पेड़ों की जड़ें जमीन में काफी गहरी जाती हैं और इन पेड़ों की उम्र भी काफी लंबी होती है। 
 

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