Edited By Swati Sharma, Updated: 19 Sep, 2026 12:07 PM

भूकंप की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रदेश में वैज्ञानिक उपकरणों का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। नेशनल इंस्ट्रूमेंटेशन नेटवर्क प्रोजेक्ट के तहत हिमाचल में करीब 100 वैज्ञानिक उपकरण लगाने का प्रस्ताव है।
Shimla News : भूकंप की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रदेश में वैज्ञानिक उपकरणों का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। नेशनल इंस्ट्रूमेंटेशन नेटवर्क प्रोजेक्ट के तहत हिमाचल में करीब 100 वैज्ञानिक उपकरण लगाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी और भूकंप की स्थिति में त्वरित सूचना उपलब्ध कराने की क्षमता को बढ़ाना है।
पहले चरण में बिलासपुर, चम्बा, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन जिलों में चिह्नित स्थानों पर 10 उपकरण लगाए जा रहे हैं। इन उपकरणों को स्थापित करने का कार्य राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र और हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से किया जा रहा है। इस बाबत राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि बाकी स्थानों पर उपकरण स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है।
उधर, हिमाचल प्रदेश में पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान भूकंप के 67 झटके दर्ज किए गए हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार इनमें सबसे अधिक भूकंपीय गतिविधियां चम्बा जिले में दर्ज हुई। अधिकांश भूकंपों की तीव्रता 3 से 4 के बीच रही। इस अवधि में सबसे शक्तिशाली भूकंप 4 अप्रैल 2024 को चम्बा में आया, जिसकी तीव्रता 5.3 मापी गई। इसके बाद 5 जून 2026 को भी चम्बा में 5 की तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
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