अब पुलिस को गुमराह करने के लिए कोई नया तरीका ढूंढने की फिराक में नशा कारोबारी

Edited By kirti, Updated: 29 Aug, 2019 10:56 AM

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नशा कारोबारी अब पुलिस को गुमराह करने के लिए कोई नया तरीका ढूंढने की फिराक में हैं। मादक द्रव्य अधिनियम की धारा 29 में हुई सख्त कार्रवाई से नशे के गोरखधंधे की चूलें हिल गई हैं। गोरखधंधे से जुड़े लोग अब तरीके में फेरबदल की फिराक में हैं और आने वाले...

कुल्लू (शम्भू प्रकाश): नशा कारोबारी अब पुलिस को गुमराह करने के लिए कोई नया तरीका ढूंढने की फिराक में हैं। मादक द्रव्य अधिनियम की धारा 29 में हुई सख्त कार्रवाई से नशे के गोरखधंधे की चूलें हिल गई हैं। गोरखधंधे से जुड़े लोग अब तरीके में फेरबदल की फिराक में हैं और आने वाले समय में किसी को नशे की खेप के साथ पकड़े जाने पर संबंधित तस्कर के सुर बदले हुए मिल सकते हैं।

जैल नाला में 1.509 किलोग्राम चरस बरामदगी के मामले में नेपालियों को कारोबार में मोहरा बनाए जाने के पैंतरे से भी पर्दा उठा है। अक्सर पकड़े जाने पर नेपालियों का पुलिस के सामने रटा-रटाया जवाब रहता था कि उन्होंने जंगल में खुद भांग की बिजाई की थी और उसी से चरस निकाली थी। अब जब जैल नाला में भी मादक द्रव्य अधिनियम की धारा 20 के तहत गिरफ्तार नेपाली ने भी यही कहानी पुलिस को सुनानी शुरू की तो पुलिस को कहानी पसंद नहीं आई।

सख्ती बरतने पर नेपाली ने सच उगला और धारा 29 के अंतर्गत इसी प्रकरण में एक और गिरफ्तारी हो गई। अब आने वाले समय में तस्कर धारा 29 से बचने के लिए कोई नया तरीका अपनाने की फिराक में हैं। पकड़े जाने पर अब तस्करों के सुर बदले हुए मिल सकते हैं और पुलिस को कोई और नई कहानी सुनने को मिल सकती है। हालांकि पुलिस धारा 29 को किस प्रकार स्टैंड कर सकेगी, यह भी पुलिस के लिए चुनौती रहेगी।

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