Edited By Vijay, Updated: 03 Oct, 2026 04:25 PM

पर्यटन नगरी कसौली में इन दिनों इंसानियत, कला और स्वच्छता का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां वेस्ट वॉरियर्स संस्था की ओर से आयोजित किया जा रहा दान उत्सव एक बड़े फेस्टिवल में तब्दील हो गया है।
कसौली (जितेंद्र): पर्यटन नगरी कसौली में इन दिनों इंसानियत, कला और स्वच्छता का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां वेस्ट वॉरियर्स संस्था की ओर से आयोजित किया जा रहा दान उत्सव एक बड़े फेस्टिवल में तब्दील हो गया है। इस आयोजन को अन्य कई सामाजिक संस्थाओं का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। उत्सव में स्थानीय लोगों के साथ-साथ हस्तशिल्प कलाकार, संगीतकार और बड़ी संख्या में पर्यटक बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
जरूरतमंदों की मदद का अनूठा प्रयास
आयोजकों का कहना है कि आज की भागदौड़ भरी और आधुनिक जिंदगी में लोग अक्सर एक-दूसरे की मदद करना भूल जाते हैं। इसी सोच को बदलने के लिए यह पहल की गई है। इस उत्सव के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जा रहा है कि उनके घरों में पड़े कपड़े, ज्वैलरी, जूते या अन्य उपयोगी सामान, जिनका वे अब इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें दान करें। आपके द्वारा दान किया गया यह सामान किसी जरूरतमंद के काम आ सकता है और उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को मिल रहा बढ़ावा
इस उत्सव में महिला सशक्तिकरण और वोकल फॉर लोकल की झलक भी देखने को मिल रही है। गांव की महिलाओं ने अपने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से तैयार किए गए स्थानीय उत्पादों के छोटे-छोटे और आकर्षक स्टॉल लगाए हैं। यहां आने वाले पर्यटकों को न केवल सुंदर हस्तनिर्मित वस्तुएं देखने को मिल रही हैं, बल्कि उन्हें खरीदने का भी बेहतरीन अवसर प्राप्त हो रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी भी सुदृढ़ हो रही है।
कचरा प्रबंधन पर किया जा रहा जागरूक
दान करने और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के साथ-साथ, वेस्ट वॉरियर्स संस्था अपने मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को भी प्रमुखता से रख रही है। आयोजकों ने बताया कि इस उत्सव का एक बड़ा लक्ष्य कसौली आने वाले पर्यटकों को कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना है। इसके जरिए लोगों को शहर, पहाड़ों और पूरे देश को स्वच्छ व सुंदर बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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